म्योरपुर बाल पोषाहार कार्यालय पर जांच करते जिला कार्यक्रम अधिकारी एके सिंह।
जिला कार्यक्रम अधिकारी एके सिंह ने गुरुवार को ब्लाक मुख्यालय पर स्थित बाल विकास परियोजना कार्यालय का निरीक्षण किया। कार्यालय के निरीक्षण में आवश्यक अभिलेखों को देखने के बाद उन्होंने पोषाहार के रखरखाव का हाल जाना। करीब घंटे भर के निरीक्षण के बाद मौजूद अधीनस्थों को तमाम दिशा निर्देश भी दिया। जिला कार्यक्रम अधिकारी एके सिंह सबसे पहले कार्यालय में पहुंचे और तहसील दिवस, हाजिरी रजिस्टर समेत तमाम जरूरी दस्तावेज देखे। इस दौरान तीन सुपरवाइजरों के गैरहाजिर रहने पर उनके वेतन रोकने का निर्देश दिया।
पोषाहार लेने आई आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सुपरवाइजर को पोषाहार के वितरण को सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
कार्यकर्ताओं से डीपीओ ने ड्रेस में कार्यालय पर आने को कहा ऐसा न करने की दशा में कार्रवाई भुगतने के लिए तैयार रहने का भी फरमान सुनाया। डीपीओ ने सुपरवाइजरों को क्षेत्र में ही रहने की ताकीद की। विगत दिनों औचक निरीक्षण में तीन सुपरवाइजर के न मिलने की दशा में उन्होंने गुरुवार को उनके वेतन रोकने का निर्देश दिया। कुछ आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा मानदेय न मिलने की शिकायत पर उन्होंने पब्लिक फाइनेंस सिस्टम के तहत सभी के खाते ऑनलाइन होने की दशा में वेतन न मिलने की बात कही। उन्होंने बताया कि अब सभी कार्यकर्ताओं का वेतन लखनऊ निदेशालय से ही उनके खाते में आया करेगा।
उन्होंने मार्च के बकाया वेतन के जल्द आने की बात कही। पोषाहार के सही ढंग से रख रखाव का भी डीपीओ ने निर्देश दिया। दुद्धी के वार्ड तीन के सभासद के दिल्ली चले जाने की दशा में हौसला योजना का संचालन न होने की बात सुपरवाइजर ने बताई। इस पर डीपीओ ने पत्र के जरिए चेयरमेन या मनोनीत सभासद का खाता खोलने का निर्देश दिया। इस दौरान सीडीपीओ बाबूलाल समेत तमाम कार्यकर्ता, सुपरवाइजर मौजूद रहे।