संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान जिले में 18 अक्तूबर से चलाया जाएगा। इस अभियान के अंतर्गत संचारी रोगों से जहां लोगों को बचाव की जानकारी दी जाएगी। वहीं बुखार के मरीजों, कुपोषित बच्चों और कोरोना के लक्षण वालों की जांच कराई जाएगी। यह अभियान पूरे एक माह यानी 17 नवंबर तक चलेगा।
जिला मलेरिया अधिकारी डीएन श्रीवास्तव ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के साथ ही जिला पंचायत राज विभाग, कृषि विभाग, बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग, पशुपालन विभाग, नगरपालिका और शिक्षा विभाग समेत 10 विभागों के सहयोग से यह अभियान चलाया जाएगा। संचारी रोग नियंत्रण अभियान 18 अक्तूबर से 17 नवंबर तक चलेगा। जबकि दस्तक अभियान 18 अक्तूबर से एक नवंबर तक चलेगा। इस दौरान लोगों को साफ-सफाई, घरों के पास पानी इकट्ठा न होने देने, मच्छरों के प्रजनन स्थलों को नष्ट करने और कोरोना टीकाकरण के लिए जागरूक किया जाएगा। इस अभियान के लिए 1500 आशा कार्यकर्ताओं को लगाया गया है, जबकि मॉनिटरिंग के लिए डब्लूएचओ की तरफ से आठ, यूनिसेफ की तरफ से छह और स्वास्थ्य विभाग की तरफ से आठ टीमें बनाई गई हैं। उन्होंने बताया कि दस्तक अभियान में आशाएं घर-घर जाकर सर्दी जुकाम व बुखार के मरीज और कुपोषित बच्चों व क्षय रोगियों की पहचान करने के साथ ही कोविड-19 के मरीजों की भी पहचान करेंगी। उन्होंने बताया कि जिले में स्कूल खुल गए हैं। प्रार्थना सभाओं में छात्र-छात्राओं को संचारी रोगों से बचाव की जानकारी दी जाएगी।