सोनभद्र के ओबरा बिजली विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों के विरुद्ध फर्जी शिकायतों से विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ओबरा के संयोजक अदालत वर्मा नाराज हैं। उन्होंने मुख्य महाप्रबंधक व महाप्रबंधक प्रशासन से मांग की है कि शिकायत यदि साक्ष्य के साथ नहीं की गयी है तो इसे निगमादेश/शासनादेश के अनुसार उस शिकायत का संज्ञान नहीं लिया जाना चाहिए।
बताया कि जन प्रतिनिधियों व शिकायतकर्ता की फर्जी शिकायत पर पहले शिकायतकर्ता के सत्यता की पुष्टि करने के बाद शिकायतकर्ता से स्टांप पेपर पर लिखित शिकायत व समुचित साक्ष्य लिए बिना कार्रवाई न किये जाने के लिए संघर्ष समिति ने मुख्यमंत्री सहित निगम मुख्यालय से अनुरोध किया था। जिस पर निगम मुख्यालय की तरफ सेसभी परियोजना प्रमुखों को पूर्व के शासनादेश का अनुपालन करने के लिए निर्देशित किया गया था।
बताया कि संज्ञान में आया है अभी भी कुछ शिकायत पर बिना शिकायतकर्ता की सत्यता की जांच तथा बिना शपथ पत्र लिए आख्या जांच के लिए अधिकारियों को अग्रसारित कर दिया जा रहा है। इससे बिजली कार्मिकों में असंतोष व्याप्त हो रहा है और इससे फर्जी शिकायतकर्ताओं का मनोबल भी बढ़ रहा है।