बुधवार सुबह से प्रदेश में बादलों की घेरेबंदी व बूंदाबांदी के कारण तपिश में कमी दर्ज की गई है। इसके बाद भी सूबे में बिजली की मांग में एक हजार मेगावाट से अधिक का इजाफा दर्ज किया गया।
बुधवार सुबह से ही जिले में मौसम का मिजाज बदला नजर आया। आसमान में छाये बादल व पछुआ हवा के झोंकों के कारण नागरिकों को तपिश से काफी राहत मिली। हालांकि इस दौरान उमस का क्रम बदस्तूर जारी रहा। इसके बाद भी बिजली की मांग में पिछले चौबीस घंटों में एक हजार मेगावाट से अधिक की बढ़ोतरी हुई। बुधवार सुबह प्रदेश में बिजली की मांग 24 हजार मेगावाट के आसपास बनी हुई थी। जबकि बृहस्पतिवार की सुबह यह बढ़कर 25289 मेगावाट पहुंच गई। हालांकि इस दौरान न्यूनतम मांग घटकर 17297 मेगावाट रही। बृहस्पतिवार शाम तक बिजली की मांग 20 हजार मेगावाट से कम रही। इसे देखते हुए मांग में गिरावट की संभावना जताई जा रही है।