ककरी में नारेबाजी करते बीएमएस के पदाधिकारी।
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सीएमपीडीआई में 10 प्रतिशत विनिवेश का निर्णय वापस लेने की मांग को लेकर भारतीय मजदूर संघ ने शुक्रवार को ककरी परियोजना के जीएम ऑफिस के समक्ष विरोध-प्रदर्शन किया।
सभा को संबोधित करते हुए भारतीय कोयला खदान मजदूर संघ बीना के अध्यक्ष अरुण दुबे व ककरी शाखा सचिव आरपी गुप्ता ने आरोप लगाया कि अभी तक 11वें वेतन समझौते को लेकर जेबीसीसीआई की बैठक नहीं बुलाई गई। स्थानीय स्तर पर भी समस्याओं की घोर अनदेखी की जा रही है। कालोनी परिसर में विद्युत आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह बदहाल है। वक्ताओं ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि तत्काल सभी समस्याओं का निराकरण नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। संगठन मंत्री अशोक मिश्रा, जेसीसी सदस्य मायाशंकर सिंह, संरक्षक एसएन भारती, उपाध्यक्ष महेंद्र प्रसाद, एसडी तिवारी, केबी राय मौजूद रहे।
कोयला कामगारों ने सेंट्रल माइनिंग प्लानिंग एंड डिजाइनिंग इंस्टीट्यूट (सीएमपीडीआई) का शेयर बेचने के केंद्र सरकार के प्रस्ताव का विरोध शुरू कर दिया है। शुक्रवार को एनसीएल के श्रमिकों ने कई जगहों पर सरकार के खिलाफ नारेबाजी व प्रदर्शन किया।
एनसीएल बीना कोयला क्षेत्र के खदान स्थित विद्युत एवं यांत्रिकी (ईएंडएम) विभाग के कार्यालय पर शुक्रवार सुबह कोलियरी मजदूर सभा (एटक) के बैनर तले कामगारों ने सीएमपीडीआई का 10 प्रतिशत शेयर बेचने को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। एटक के क्षेत्रीय महामंत्री अजय कुमार ने कहा कि मजदूर विरोधी केंद्र सरकार सभी सरकारी संस्थानों के उपक्रमों को बेचने पर आमादा है। इसका हर स्तर पर विरोध किया जाएगा। सरकार के निर्णय के खिलाफ लंबी लड़ाई लड़नी होगी। इस दौरान मुख्य रूप से जोगेंद्र तिवारी, इंद्रजीत पांडेय, धीरेंद्र यादव, कृष्ण बिहारी गुप्ता, वीरेंद्र ग्वाला आदि मौजूद रहे।