बारिश के चलते रेलवे यातायात व्यवस्था चरमरा उठी है। बुधवार की देर शाम साढ़े छह लैंको परियोजना के लिए कोयला लेकर जा रही मालगाड़ी अनपरा-शक्तिनगर के बीच कृष्णशिला में बेपटरी हो गई। इससे इस रूट पर मालगाड़ियों का आवागमन ठप होने के साथ ही शक्तिनगर में खड़ी त्रिवेणी एक्सप्रेस और चोपन-शक्तिनगर पैसेंजर को शक्तिनगर में ही रोक दिया गया।
चोपन से पहुंचा राहत दल मालगाड़ी को पटरी पर लाने में लगा हुआ था।
उधर जयंत-दुद्धीचुआ ट्रैक पर खड़िया परियोजना के ओवरवर्डेन के मलबे के साथ ही शाम पांच के करीब एक पेड़ गिर गया। इससे रूट पर मालगाड़ियों की आवाजाही बंद होने से एनटीपीसी शक्तिगर, अनपरा परियोजना सहित अन्य बिजलीघरों को रेलवे से होने वाली ढुलाई ठप हो गई। उधर, एनटीपीसी रिहंद से जुड़े रूट पर मालगाड़ी के नौ बेगन बेपटरी हो गए। देर रात तक राहत कार्य जारी था।
इसके चलते एनटीपीसी रिहंद को भी यूपी स्थित कोयला खदानों से आपूर्ति ठप पड़ी थी। डीटीएम रेलवे विश्वरंजन ने भी इसकी पुष्टि की। बताया गया कि बुधवार को हुई मजे की बारिश न कोयला ढुलाई को काफी हद तक ठप कर दिया गया है। बाहर कोयला भेजने को कौन कहे, लोकल परियोजनाओं को आपूर्ति देना फिलहाल मुश्किल हो गया है।
जहां भी दिक्कत की सूचना मिल रही है, वहां राहत दल भेजकर ट्रैक दुरुस्त कराया जा रहा है। बारिश का सिलसिला नहीं रूका तो आगे स्थिति और ज्यादा खराब हो सकती है। बता दें कि ऊर्जांचल की रेलवे लाइन कामर्शियल जोन है। इस कारण यहां एक मिनट के भी रेलवे लाइन ठप होती है तो रेलवे को एक लाख का नुकसान उठाना पड़ता है।