ग्रेड पे 4200 रुपये की जगह 4800 रुपये किये जाने की मांग को लेकर डिप्लोमा इंजीनियरों की बेमियादी हड़ताल मंगलवार से शुरू हो गई। अभियंताओं ने राबर्ट्सगंज लोक निर्माण विभाग कार्यालय के पास आंदोलन को गति दी।
संघ के अध्यक्ष मुश्ताक अहमद ने कहा कि सकार डिप्लोमा इंजीनियरों की न्यायोचित मांग को नजरअंदाज कर रही है। मिशन 2017 की कब्र खोदने में सरकार खुद लगी है। संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष ने कहा कि जो सरकार विकास की धूूरी डिप्लोमा इंजीनियरों के साथ नाइंसाफी की, वो दोबारा सत्ता में नहीं आ सकी।
संघर्ष समिति चेयरमैन संतोष कुमार सिंह ने सरकार को नादानी छोड़कर महासंघ की न्यायोचित मांग को मान लेने की नसीहत देते हुए कहा कि अबकी बार यह आंदोलन किसी आश्वासन पर नहीं थमेगा। बल्कि लड़ाई आरपार की होगी। केंद्रीय प्रेक्षक सुनील कुमार पांडेय ने कहा कि पिछली हड़ताल मुख्य सचिव और लोक निर्माण मंत्री के आश्वासन पर स्थगित कर दी गई थी। आश्वासन के बाद भी उनकी मांगें नहीं मानी गईं। अब यह आंदोलन मांग पूर्ण होने पर ही थमेगा। धरना सभा की अध्यक्षता ओपी सिंह ने की।