सोनभद्र के घोरावल कोतवाली क्षेत्र में मगरमच्छ की दहशत कायम है। महांव गांव से वन विभाग ने दस फीट लंबा मगरमच्छ पकड़ा है। गांव में चर रही बकरी को दबोचकर मगरमच्छ कुएं में कूद गया। दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद वन विभाग की टीम मगरमच्छ को पकड़ने में सफल हो पाई। बकरी को नहीं बचाया जा सका। मगरमच्छ को बेलन नदी में सुरक्षित छोड़ दिया गया।
महांव ग्राम पंचायत के मनिकबर टोला निवासी नागेश्वर पाल का घर पहाड़ी के पास है। उसके घर के पास एक कुआं है। बृहस्पतिवार को सुबह करीब नौ बजे पहाड़ी के पास भेड़-बकरियां चर रही थीं। उसी दौरान एक विशालकाय मगरमच्छ पहाड़ी की तरफ से आया और एक बकरी को मुंह में जकड़ लिया। अन्य मवेशियों की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। इसी बीच मगरमच्छ बकरी को मुंह में जकड़कर कुएं में कूद गया।
सूचना पाकर वन क्षेत्राधिकारी सुरजू प्रसाद के निर्देश पर वन दारोगा राजन मिश्रा, वन्य जीव रक्षक संतोष कुमार व पप्पू की टीम मौके पर पहुंची। पंपिंग सेट की व्यवस्था कर कुएं से पानी निकाला गया। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद ग्रामीणों के सहयोग से वन विभाग की टीम ने मगरमच्छ व बकरी को कुएं से बाहर निकाला। मगरमच्छ को गाड़ी पर लादकर वन रेंज कार्यालय में लाया गया। बाद में उसे मझिगवां चौहान गांव में बेलन नदी में सुरक्षित छोड़ दिया। बकरी की मौत हो गई।
वन क्षेत्राधिकारी सुरजू प्रसाद ने बताया कि बृहस्पतिवार को महांव गांव में कुएं में पकड़ा गया मगरमच्छ नर है, जिसकी लंबाई करीब 10 फीट और उम्र करीब 6 वर्ष है। मगरमच्छ को मुक्खा फाल के कुंड में सुरक्षित छोड़ दिया गया है।