इसी दौरान झारखंड के गढ़वा रोड से चोपन जा रही कर्मचारी स्पेशल ट्रेन उसी रूट से गुजर रही थी। आशंका है कि राजेश उसी ट्रेन की चपेट में आ गए। घटना के बाद से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। राजेश के दो पुत्र प्रिंस यादव (18) और प्रतीक यादव (15) हैं। इस संबंध में थानाध्यक्ष विनोद सोनकर का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का सही पता चलेगा। हालांकि प्रथम दृष्टया हादसे की बात ही सामने आ रही है।
एनटीपीसी रिहंद परियोजना के टॉवर नंबर छह के पास केबिन में बृहस्पतिवार की सुबह संविदा कर्मी का फंदे से लटकता शव पाया गया। उसका शव गमछे के सहारे पंखे के हुक से लटक रहा था। परियोजना अधिकारियों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को उतारकर कब्जे में लिया। मौके से सुसाइड नोट भी मिला है। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि सुसाइड नोट किसने लिखा है।
महरीकला डूमरचुआ गांव निवासी गोपाल दास (30) एनटीपीसी परियोजना में केबिन ब्वाय के तौर पर कार्यरत था। उसकी नियुक्ति यूपीएल के माध्यम से संविदा पर थी। बुधवार की रात खाना खाने के बाद वह टॉवर नंबर छह के पास रेलवे फाटक पर बने केबिन में ड्यूटी के लिए गया। सुबह जब काफी देर तक गोपाल का पता नहीं चला तो आसपास के लोग वहां पहुंचे।
केबिन के अंदर पंखे के हुक से गमछे के सहारे फंदे पर उसका शव लटकता देख सन्न रह गए। सुरक्षा अधिकारियों को जानकारी दी गई। सूचना पाकर सीओ दुद्धी रामाशीष यादव, बीजपुर एसओ देवतानंद सिंह, बभनी इंस्पेक्टर अजय कुमार सिंह, सीआईएसएफ इंस्पेक्टर रोहित गंगवार आदि मौके पर पहुंचे।
एनटीपीसी रिहंद की पीआरओ शिक्षा गुप्ता ने बताया कि संविदा पर तैनात गोपाल दास की पंखे के हुक के सहारे फंदे से लटकती लाश मिली है। उसके पास से सुसाइड नोट भी मिला है। सीओ ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का लग रहा है। सुसाइड नोट किसने लिखा है, इसका मिलान भी कराया जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर कुछ स्पष्ट हो पाएगा। उधर, घटना के बाद मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार में पत्नी राधिका, तीन साल का पुत्र श्रेयांश और चार की बेटी सुकृति है।