विस्थापितों का मुआवजा न मिलने के कारण करीब डेढ़ साल से रूके शक्तिनगर-करेला रोड दोहरीकरण के बीच अनपरा में रेलवे पुल निर्माण का कार्य एक बार पुन: शुरू हो गया है। विस्थापितों का मुआवजा मिल गया है। अंतिम पिलर और पुल के अंत की बाउंड्रीवाल बनाने का काम तेजी से हो रहा है।
शक्तिनगर-करेला रोड के बीच दोहरीकरण का कार्य अंतिम चरण में है। अनपरा नगर पंचायत के बजरंगनगर में रेलवे पुल का निर्माण कार्य की जद में आ रहे कुछ परिवारों ने मुआवजा की मांग को लेकर काम रोक दिया था। इस कारण करीब डेढ़ वर्ष से पुल निर्माण ठप था। रेलवे के अधिकारियों ने विस्थापितों संग कई बार बैठक की लेकिन बैठकों में समस्या हल नही हो सकी।
गत सप्ताह अनपरा तापीय परियोजना के आवासीय परिसर के विदेशी अतिथि गृह में दुद्धी एसडीएम की मौजूदगी में हुई बैठक में विस्थापितों ने मकान के साथ जमीन के मुआवजा की मांग एक फिर उठाई। घंटों चली बैठक के बाद रेलवे अधिकारियों ने विस्थापितों की मांग मान ली और जमीन का मुआवजा अथवा जमीन के बदले जमीन देने की बात कही। विस्थापितों की सहमति के बाद रेलवे तेजी से 11 नंबर पिलर और रिटर्निंग वॉल का निर्माण तेजी से करा रहा है।
अन्य सभी 12 पिलर पहले ही बनकर तैयार हैं और उन पर गाटर भी रख दिया गया है। रेलवे के वरीय अनुभाग अभियंता भूषण ने बताया कि मार्च के अंत तक पिलर तैयार हो जाएगा और रेलवे ट्रैक भी बिछ जाएगा। अन्य सभी औपचारीक्ताएं पूर्ण करने के बाद जून तक इस ट्रैक पर ट्रेन दौड़ने लगेगी।
पुल निर्माण के बाद मालगाड़ी को मिलगी रफ्तार, बढ़ेगी आमदनी
वर्तमान समय में शक्तिनगर अनपरा से प्रतिदिन 50 से अधिक मालगाड़ी कोयला लेकर अन्य प्रांतो व परियोजनाओं में जा रहीं हैं। दोहरीकरण कार्य के पूर्ण होने के बाद मालगाड़ी की निकलने की संख्या दोगुनी हो जाएगी। इससे रेलवे की आमदनी में इजाफा तो होगा ही, साथ ही हाईवे पर दबाव कम होगा और सड़क मार्ग से होने वाले हाईवा व ट्रेलर से कोल ट्रांसपोर्टिंग के दौरान प्रदूषण और दुर्घटना से राहत मिलेगी।