पसमांदा मुस्लिम समाज का कार्यकर्ता सम्मेलन सोमवार को राबर्ट्सगंज के स्वामी विवेकानंद प्रेक्षागृह में हुआ। इसमें पिछड़े और अनुसूचित मुस्लिम समाज के सामाजिक, शैक्षिक, आर्थिक और राजनीतिक भागीदारी पर चर्चा हुई।
अनुसूचित मुस्लिमों को आरक्षण देने की मांग उठाई गई। पसमांदा मुसलमानों के शोषण के लिए सबसे ज्यादा कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया गया।
सम्मेलन के मुख्य अतिथि संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार अनीस मंसूरी ने कहा कि पिछले 67 वर्षों से केंद्र और राज्य सरकारें पसमांदा मुसलमानों का शोषण कर रही हैं।
पसमांदा मुसलमानों का सबसे ज्यादा शोषण कांग्रेस की सरकार ने किया। वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव से कुछ पूर्व कांग्रेस सरकार ने पिछड़ी जातियों के लिए दिए जाने वाले 27 प्रतिशत आरक्षण में से पिछड़े मुसलमानों को साढ़े चार प्रतिशत आरक्षण उच्च शिक्षा में देने का आश्वासन दिया था,
जिसमें मुसलमानों के अलावा कई अन्य अल्पसंख्यक समाज के लोग शामिल हैं, यह उचित नहीं है। कहा कि पिछड़े मुसलमानों का 8.44 प्रतिशत आरक्षण बनता है। कहा कि कांग्रेस सरकार को आश्वासन देने के बजाय 8.44 प्रतिशत आरक्षण पिछड़े मुसलमानों को देने के लिए शासनादेश जारी कर देना चाहिए था।
लेकिन कांग्रेस ने ऐसा न कर पिछड़े मुसलमानों को गुमराह करने की साजिश की। इसका परिणाम सबके सामने है। अनीस ने सम्मेलन में उत्तर प्रदेश की मौजूदा सरकार और उसके मुखिया अखिलेश यादव एवं सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव के जमकर कसीदे पढ़े।
समाज के प्रदेश अध्यक्ष वसीम राईनी ने कहा कि पसमांदा मुस्लिम समाज सपा को संगठनात्मक ढंग से मजबूत बनाने का कार्य करेगा। उन्होंने यूपी सरकार से मुस्लिमों की मांगों को पूर्ण करने की मांग की। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे सपा के जिलाध्यक्ष,
सदर विधायक अविनाश कुशवाहा ने कहा कि समाजवादी पार्टी ने मुस्लिमों के हितों के लिए तमाम योजनाएं चलाई हैं। सपा ने मुस्लिमों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम किया।
समाजवादी पार्टी ही ऐसी पार्टी है जिसमें हर वर्ग का भविष्य सुरक्षित है। जिलाध्यक्ष ने सम्मेलन में आए लोगों का स्वागत किया। इस मौके पर चोपन चेयरमैन इम्तियाज अहमद, नजमुद्दीन, संगठन के जिलाध्यक्ष शमीम सलमानी, असलम राइन, रजिवान, आमीना खातून, राजिक अली, अबरार अहमद, इनामुल हक, रोशन खां, अब्दुल वाहिद आदि मौजूद रहे।