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छोटेलाल हत्याकांड : दोषी शिवमूरत को 10 वर्ष की कैद, 20 हजार का जुर्माना

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साढ़े बारह वर्ष पूर्व हुए छोटेलाल हत्याकांड में शनिवार को सुनवाई करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम सोनभद्र खलीकुज्ज्मा की अदालत ने दोषी शिवमूरत उर्फ बड़कऊ को 10 साल कैद की सजा सुनाई। उन पर 20 हजार अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर पांच माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। वहीं तीन आरोपियों को दोषमुक्त करार दिया। अर्थदंड की आधी धनराशि मृतक की पत्नी को मिलेगी।
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अभियोजन पक्ष के मुताबिक चोपन थाना क्षेत्र के जमुवल गांव निवासी बेचन पुत्र छोटेलाल ने 10 जुलाई 2009 को दी तहरीर में आरोप लगाया था कि नौ जुलाई को सुबह नौ बजे जब उसके पिता छोटेलाल गुप्ता अपने घर का खपड़ैल ठीक कर रहे थे, उसी समय बड़े पिता शिवमूरत उर्फ बड़कऊ आए और हिस्सा मांगने लगे। इसी दौरान उसके चाचा रामविलास, रामनिहोर और बाबा लालबहादुर भी आ गए और उसके पिता छोटेलाल को बुलाकर बेरहमी से पिटाई करने लगे। चीख-पुकार सुनकर अपनी मां के साथ मौके पर पहुंचा। अंदरूनी चोट के कारण दूसरे दिन सुबह पांच बजे पिता छोटेलाल की मौत हो गई। इस तहरीर पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना की। पर्याप्त सबूत मिलने पर विवेचक ने न्यायालय में चार्जशीट दाखिल किया। मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषसिद्ध पाकर दोषी शिवमूरत उर्फ बड़कऊ को 10 साल की कैद और 20 हजार अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर पांच माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। वहीं अन्य तीन आरोपियों लालबहादुर, रामनिवास व रामनिहोर को दोषमुक्त करार दिया। अर्थदंड की आधी धनराशि मृतक की पत्नी को मिलेगी। अभियोजन पक्ष की ओर से अपर जिला शासकीय अधिवक्ता कुंवर वीर प्रताप सिंह ने बहस की।
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