राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर संगठन उत्तर प्रदेश एवं उप्र राज्य विद्युत परिषद अभियंता संघ की ओर से चलाया जा रहा असहयोग/सविनय अवज्ञा आंदोलन बृहस्पतिवार को भी जारी रहा। राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर्स संगठन के केंद्रीय अध्यक्ष इं. जीबी पटेल व राज्य विद्युत परिषद अभियंता संघ के केंद्रीय महासचिव इं. प्रभात सिंह आंदोलन की दिशा को गति प्रदान करने के लिए बृहस्पतिवार को स्थानीय ओबरा परियोजना का दौरा किया। परियोजना के झरियानाला गेट पर सुबह नौ बजे से 11 बजे तक शीर्ष ऊर्जा प्रबंधन के खिलाफ विरोध सभा की।
जीबी पटेल ने कहा कि ईआरपी खरीद में एक बड़ा भ्रष्टाचार किया गया है। उन्होंने बताया कि लगभग 511.52 करोड़ रुपये ईआरपी लागू करने का प्रारंभिक आदेश है और पूरी प्रणाली लागू होने तक यह लागत लगभग 700 करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगा। अभियंता संघ के महासचिव इं प्रभात सिंह ने ताप विद्युत घरों में कोयला संकट पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कोयला खरीद का समय से भुगतान न होने के कारण बीते सितंबर-अक्तूबर माह में सस्ती बिजली देने वाले उत्पादन गृहों पर कोयले का भारी संकट उमड़ पड़ा। इसके लिए शीर्ष प्रबंधन सीधा जिम्मेदार है। जूनियर इंजीनियर्स संगठन उत्पादन निगम के अध्यक्ष इं. आरजी सिंह ने कहा कि दिन प्रतिदिन जानबूझकर उत्पादन गृहों की व्यवस्था खराब की जा रही है। अभियंता संघ अनपरा ओबरा पिपरी क्षेत्र के केंद्रीय सहायक सचिव इं अदालत वर्मा और सचिव मध्यांचल इं डीके प्रजापति ने प्रबंधन की नीयत पर सवाल उठाते हुए इसे निजीकरण की साजिश बताया। आरके गुप्ता, एके राय, अवधेश सिंह, समीर भटनागर, सुरेश, एचके गुप्ता, आरके सिंह, एसके रजक, योगेंद्र मौर्य, एचएन पांडेय, वकार अहमद, वीके दिनकर, अमित मिश्रा, अभय प्रताप सिंह, धीरज वर्मा, ज्ञानेंद्र सिंह, पवन वर्मा, संदीप मद्धेशिया आदि मौजूद रहे।