मीटर रीडिंग और बिल देने में लापरवाही की शिकायतों के बाद 26 मीटर रीडर की सेवा समाप्त कर दी गई है। बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता आशुतोष श्रीवास्तव के निर्देश पर यह कार्रवाई हुई है। पिछले एक माह में अब तक 47 मीटर रीडरों को बाहर का रास्ता दिखाया जा चुका है। अभी कई रीडरों पर गाज गिरेगी।
जिले के करीब तीन लाख दो हजार उपभोक्ताओं में से अधिकांश समय से बिल नहीं जमा कर रहे हैं। वजह उपभोक्ताओं को समय से बिल नहीं मिलना माना जा रहा है। शासन स्तर से दो कंपनियों को मीटर रीडरों के माध्यम से हर माह उपभोक्ताओं के मीटर की रीडिंग कराकर बिल मुहैया कराने को नामित किया गया है। दोनों कंपनियों की ओर से राबर्ट्सगंज और पिपरी खंड में 218 मीटर रीडरों को काम पर रखा गया था। बिजली का बकाया कम होने के बजाय बढ़ता ही जा रहा है। इसे गंभीरता से लेते हुए अधीक्षण अभियंता ने जांच कराई तो पता चला कि दर्जनों मीटर रीडर समय से उपभोक्ताओं को बिल ही मुहैया नहीं करा रहे हैं। सूत्रों की मानें तो कई मीटर रीडरों ने तो उपभोक्ताओं का बिल कम कराने का भी ठेका ले रखा है। मामला संज्ञान में आने पर एक्सईन ने संबंधित कंपनियों को तत्काल लापरवाह मीटर रीडरों को हटाने का निर्देश दिया। उक्त आदेश के क्रम में जिले के 26 मीटरों की सेवा समाप्त कर दी गई है। इसके पूर्व 21 मीटर रीडरों को हटाया गया था।
कार्य के प्रति लापरवाही बरतने वाले 26 मीटर रीडरों को हटा दिया गया है। अब तक लापरवाह 47 मीटर रीडरों को काम से हटाया जा चुका है। कार्य के प्रति लापरवाही बतरने वाले किसी भी कर्मी को बख्शा नहीं जाएगा। - आशुतोष श्रीवास्तव, अधीक्षण अभियंता बिजली विभाग