विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटी बसपा ने जिले के दो सीटों पर प्रभारी तय कर दिया है। सदर सीट से अविनाश शुक्ल तो घोरावल से जिला पंचायत सदस्य मोहन कुशवाहा को प्रभारी बनाया गया है। बसपा के प्रभारी बनाए जाने के बाद से जिले के सियासी हलके में खलबली मची है। संबंधित क्षेत्रों में बन रहे नए समीकरणों के आधार पर लोग अभी से गुणा-भाग में जुट गए हैं।
जिले की चार विधानसभा सीटों में से ओबरा और दुद्धी अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए आरक्षित है। शेष सदर और घोरावल सीट पर ही हर वर्ग के लोग जोर आजमाइश कर रहे हैं। सभी प्रमुख दलों से टिकट पाने की होड़ मची हुई है। बसपा में सदर विधानसभा सीट से अविनाश शुक्ल के नाम की चर्चा काफी समय से चल रही है। पार्टी के विभिन्न कार्यक्रमों में वह बढ़ चढ़कर शामिल भी होते रहे हैं। घोरावल में नए नाम से यहां के सियासी समीकरण बदले हैं। प्रभारी बनाए गए मोहन कुशवाहा जिला पंचायत सदस्य हैं। पंचायत चुनाव से पहले वह भाजपा में थे। जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव से ठीक पहले वह अपना दल-एस में शामिल हुए थे। अब बसपा से प्रभारी बनाए जाने पर राजनीतिक हलके में चर्चाएं जोरों पर हैं। ब्राह्मण, कुशवाहा और अनुसूचित जाति के वोटों की अधिकता वाले इस क्षेत्र में बसपा के दांव से अन्य दलों के समीकरण भी उलझेंगे। फिलहाल लोग अन्य दलों से प्रत्याशी घोषणा का इंतजार कर रहे हैं। बसपा जिलाध्यक्ष कमलेश गोंड ने बताया कि सदर से अविनाश शुक्ल और घोरावल से मोहन कुशवाहा के नाम के बारे में पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों की ओर से सूचना दी गई है। अधिकृत रुप से पत्र आने पर इसका एलान किया जाएगा।