ठंड में बुजुर्गों व बच्चों में वायरल बुखार, खांसी-जुकाम जैसी समस्याएं बढ़ गई हैं।इसके अलावा दमा, अस्थमा व सांस लेने में दिक्कत के मरीज भी बढ़ गए हैं। ऐसे में डॉक्टर सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं।
सर्दी में शीतलहर लोगों की दिक्कतें बढ़ाने लगी है। सुबह और शाम के समय गलन भरी ठंड का अहसास हो रहा है। इससे जहां बुजुर्गों की दिक्कतें बढ़ गई हैं तो वहीं बच्चे और युवाओं पर भी इसका असर देखा जाने लगा है।
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वायरल बुखार, खांसी-जुकाम के मरीजों की संख्या में इजाफा हो गया है। इसके अलावा दमा, अस्थमा व सांस लेने में दिक्कत के मरीज भी बढ़ गए हैं। जिला अस्पताल में रोजाना 8-10 मरीज भर्ती हो रहे हैं। चिकित्सक अस्थमा के मरीजों को सुबह-शाम बाहर न घूमने की सलाह दे रहे हैं।
जिले में चार दिनों पूर्व बारिश के बाद से शीतलहर का असर दिखाई दे रहा है। कोहरे का प्रभाव भी बढ़ा है। जिले के निजी और सरकारी अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। जिला अस्पताल में पहुंचने वाले 50 फीसदी मरीज सांस संबंधित बीमारियों के हैं।
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आंकड़ों पर गौर करें तो रोजाना सांस और दमा के आठ से दस मरीज भर्ती हो रहे हैं। कइयों को ऑक्सीजन देना पड़ रहा है। इसी तरह निजी अस्पतालों में भी लोग पहुंच रहे हैं।