श्री रामचरितमानस नवाह्न पाठ महायज्ञ के समापन पर समाजसेवी हरि किशोर केडिया के आवास पर कार्यक्रम में महायज्ञ में शामिल भूदेवों, मंच आचार्यों और मुख्य आचार्य को विदाई दी गई। समिति के मीडिया प्रभारी हर्षवर्धन केसरवानी ने मुख्य आचार्य सूर्यलाल मिश्र, मंच आचार्य पंडित संतोष कुमार द्विवेदी को पौधा देकर सम्मानित किया गया।
आचार्य पंडित संतोष कुमार द्विवेदी ने कहा कि आयुर्वेद की जड़ी-बूटियां हमें वनों से ही प्राप्त होती हैं, जिससे मनुष्य का स्वास्थ्य रक्षण प्राचीन काल से होता रहा है और आज भी मानव जीवन के रक्षण में इनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है। कोरोना काल में तमाम औषधियों के बने हुए पेय पदार्थों के कारण मानव जीवन की रक्षा हो पाई थी। इस संक्रमण काल ने मानव को बता दिया कि प्रकृति से दूर होने का खतरनाक परिणाम होगा। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने घर- बाहर, आंगन में पौधरोपण कर प्रकृति का संरक्षण करना चाहिए। इस अवसर पर पंडित शिवकुमार शास्त्री, पंडित अनिल पांडेय, यशवंत पांडेय, सदर विधायक भूपेश चौबे, समिति के महामंत्री सुशील पाठक, पूर्व चेयरमैन कृष्णमुरारी गुप्ता, विंध्य संस्कृति शोध समिति उतर प्रदेश ट्रस्ट के निदेशक दीपक कुमार केसरवानी ने विचार व्यक्त किया।
श्रीरामचरित मानस नवाह्न पाठ महायज्ञ समिति के महामंत्री ने कार्य समिति के सदस्य राकेश त्रिपाठी (शिशु) को मारवाड़ी युवा मंच की ओर से माल्यार्पण कर अंगवस्त्रम प्रदान कर सम्मानित किया। इस अवसर पर धर्मवीर तिवारी, रविंद्र केसरी, बजरंग दल के प्रदेश संयोजक सत्य प्रताप सिंह, पंकज कानोडिया, सचिन अग्रवाल, शिखर केडिया, तरुण केडिया, हर्षित चौधरी, महेश द्विवेदी, सुधाकर द्विवेदी, मनु पांडे, चंदन चौबे, विमलेश पटेल, सुंदर केसरी आदि उपस्थित रहे।