फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sonebhadra News: पहला अपराध बता कर रहम की दी दुहाई, पर नहीं मिली राहत, सामूहिक दुष्कर्म में दोषी को उम्रकैद

विज्ञापन
विज्ञापन
सोनभद्र। करमा थाना क्षेत्र में दो साल पहले नाबालिग लड़की से सामूहिक दुष्कर्म मामले में विशेष जज पॉक्सो एक्ट अमित वीर सिंह की अदालत ने अभियुक्त विकास प्रजापति को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। दो लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। कोर्ट में सुनवाई के दौरान दुष्कर्मी विकास प्रतिपति ने अपना पहला अपराध बताते हुए रहम की दुहाई देता रहा, मगर कोर्ट ने एक न सुनी। नाबालिग से दुष्कर्म को गंभीर अपराध बताते हुए किसी भी तरह से राहत देने से मना कर दिया। दुष्कर्म में शामिल रहे एक अन्य आरोपी के नाबालिग होने के चलते पत्रावली किशोर न्याय बोर्ड को भेजी गई है।
विज्ञापन

करमा थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी पीड़िता के पिता ने तहरीर देकर बताया कि आठवीं में पढ़ने वाली 15 साल की बेटी तीन मई 2022 की रात बरात देखकर लौट रही थी। रास्ते में केकराही निवासी विकास प्रजापति और एक अन्य ने उसे पकड़ लिया। खेत में ले जाकर सामूहिक दुष्कर्म किया। बेटी को खेत में ही छोड़कर दोनों फरार हो गए। बेटी ने घर आकर मां को घटना की जानकारी दी। गरीबी और लोक लाज की डर से किसी को नहीं बताया। बाद में छह मई को करमा थाने में तहरीर दी। पुलिस ने सामूहिक दुष्कर्म, एससी-एसटी एक्ट और पॉक्सो एक्ट में केस दर्ज किया था। आरोपी की उम्र 18 वर्ष से कम होने से उसकी पत्रावली किशोर न्याय बोर्ड भेज दी गई। बृहस्पतिवार को मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने के बाद फैसला सुनाया। दोषी विकास प्रजापति को उम्र कैद और दो लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर छह माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। अर्थदंड की धनराशि में से एक लाख 40 हजार रुपये पीड़िता को मिलेगी। अभियोजन पक्ष की तरफ से सरकारी वकील दिनेश प्रसाद अग्रहरि, सत्य प्रकाश त्रिपाठी एवं नीरज कुमार सिंह ने बहस की।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें