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दो साल बाद भी अधूरा है अनपरा-शक्तिनगर फोरलेन

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निर्माणाधीन अनपरा-शक्तिनगर फोरलेन पर बीच में खड़ा पोल। - फोटो : SONBHADRA
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अनपरा-शक्तिनगर फोरलेन विभागीय उदासीनता के कारण अधर में लटका हुआ है। भूमि पूजन को दो साल से ऊपर हो गए लेकिन अभी तक 18 किमी की सड़क पूरी नहीं बन पाई है। अनपरा से शक्तिनगर तक कई विद्युत पोल और पेड़ समेत एनटीपीसी की बाउंड्री सड़क निर्माण कार्य में बाधा बने हुए हैं।
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अक्तूबर 2019 में अनपरा-शक्तिनगर फोरलेन मार्ग का भूमि पूजन कर कार्य शुरू किया गया। भूमिपूजन ओबरा विधायक संजीव गोंड ने किया। सड़क का टेंडर गाबर कंपनी ने 188 करोड़ में प्राप्त किया। टेंडर के अनुसार कार्य को छह माह में पूरा कर देना था। स्थानीय लोग इस बात से काफी खुश थे कि अब धूल और दुर्घटना से राहत मिलेगी, लेकिन 18 किलोमीटर की यह सड़क लोगों के लिए बीरबल का खिचड़ी साबित हुई। दो साल से अधिक समय बीतने के बाद भी आधी सड़क बन पाई है। उसमें भी बीच में कई विद्युत पोल, ट्रांसफार्मर, वृक्ष, बाउंड्री, गड्ढे सड़क निर्माण में बाधा बनकर खड़े हैं। कार्यदाई संसथा गाबर कंपनी का कहना है कि यह काम हम 6 महीने के अंदर कर लेते। हमारे पास अत्याधुनिक मशीनें हैं, लेकिन विद्युत विभाग व स्थानीय परियोजनाओं की वजह से यह काम 2 साल से अधिक खींच गया। इस काम में अब हमे काफी नुकसान हो रहा है। दिनप्रतिदिन मंहगाई बढ़ती जा रही है। दो साल पहले और अब के रेट में काफी अंतर हो गया है। हालांकि औड़ीमोड़ से लेकर खड़िया पेट्रोल पंप तक सड़क लगभग बना दी है। बीच में जहां पोल, ट्रांसफार्मर, बाउंड्री बाधा बने हैं वहां हमने जगह छोड़ दिया है। जब इसे हटा लिया जाएगा तब सड़क कार्य को पूर्ण कर लिया जाएगा।
धूल-मिट्टी का गुबार बढ़ा रहा परेशानी
फोरलेन को लेकर स्थानीय लोगों को उम्मीद थी कि जल्द ही अनपरा से शक्तिनगर का सफर आसान हो जाएगा, लेकिन विभागीय पेंच ने लोगों की उम्मीद पर पानी फेर दिया। सड़क पर धूल अभी भी बरकरार है जिस कारण रात का सफर और भयावह हो गया है। ठंड की शुरुआत हो चुकी है। रात के समय धूल और धुंध बड़ी दुर्घटनाओं को दावत दे रहा है।
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