दो माह पूर्व कोयले के भीषण संकट से जूझ रहे अनपरा के बिजली घरों को धीरे-धीरे कोल संकट से निजात मिलती जा रही है। रविवार सुबह तक अनपरा परियोजना में पांच लाख तो लैंको परियोजना में दो लाख मीट्रिक टन से अधिक कोयले का स्टॉक हो गया है।
सितंबर में विद्युत गृहों के देशव्यापी कोल संकट के दरम्यान अनपरा के बिजली घरों में कोयले की भारी कमी व्याप्त थी। कोल खदानों से कोयले की आपूर्ति बाधित हो जाने के कारण अन्य परियोजनाओं की इकाइयों को जहां बंद कर दिया गया था, वहीं अनपरा की इकाइयों को भी लगातार कम लोड पर संचालित किया जा रहा था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश के साथ केंद्र सरकार को भी हस्तक्षेप करना पड़ा था। उसके बाद कोयले के आपूर्ति की स्थिति में उत्तरोत्तर सुधार होता गया। अनपरा परियोजना प्रबंधन के अनुसार शनिवार सुबह तक परियोजना में कोयले का स्टॉक 5,22,117 एमटी पहुंच गया है। परियोजना को शनिवार को 38,567 एमटी कोयले की आपूर्ति की गई जबकि दो इकाइयों के बंद होने के कारण कुल कोयले की खपत 31237 एमटी हुई। प्रबंधन के अनुसार परियोजना को नियमित रूप से आवश्यकता के अनुरूप कोयले की आपूर्ति हो रही है। इस दौरान निजी क्षेत्र की लैंको परियोजना में भी कोयले का स्टॉक दो लाख एमटी से अधिक पहुंच गया है। प्रबंधन के अनुसार आपूर्ति सुचारु होने से परियोजना में कोयले को लेकर कोई समस्या नहीं है।