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अमर उजाला इंपैक्ट: जमीन हथियाने के केस में हटाए गए SDM के पेशकार व लेखपाल, सीएम की सख्ती के बाद हुई कार्रवाई

Thu, 18 Dec 2025 11:22 AM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, सोनभद्र।

सार

Sonbhadra News: सोनभद्र जिले के बघाडू गांव में जनजातीय समाज की महिलाओं से शादी कर जमीन हथियाने के मामले में सीएम की सख्ती के बाद कार्रवाई शुरू हो गई है। इसी क्रम में एसडीएम के पेशकार और लेखपाल हटाए गए।  
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सीएम योगी आदित्यनाथ - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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सोनभद्र जिले के दुद्धी तहसील के बघाडू गांव में अनसूचित जनजाति की महिलाओं से शादी कर उनके जरिये जनजातीय समाज की जमीन हथियाने के मामले में सीएम की सख्ती के बाद कार्रवाई शुरू हो गई है। बुधवार को दुद्धी में तैनात एसडीएम के पेशकार, तहसीलदार कार्यालय में तैनात लेखपाल को हटाने के साथ ही बघाडू के तत्कालीन लेखपाल को बिंदुवार आरोपपत्र थमाते हुए जवाब तलब किया गया। वहीं, बैनामों को शून्य घोषित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई।

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प्रशासन के मुताबिक धारा 80 से जुड़े मामले में एसडीएम के पेशकार सत्यप्रकाश सिंह पर कार्रवाई की गई है। उन्हें वहां से हटाकर सदर तहसील के राजस्व संग्रह विभाग में सहायक वासिल वाकी नवीस बनाया गया है।

उनकी जगह राकेश कुमार नवीन को दुद्धी में एसडीएम के पेशकार पद पर तैनाती दी गई है। तहसीलदार कार्यालय में तहसीलदार से जुड़ा कामकाज संभाल रहे लेखपाल संतोष यादव को वहां से हटाकर मूल क्षेत्र में भेज दिया गया है। उन पर तहसीलदार को सही जानकारी न देने का आरोप है।
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बघाडू के तत्कालीन लेखपाल सुद्दन बैसवार (वर्तमान तैनाती बुटबेढ़वा क्षेत्र) को आरोप पत्र जारी करते हुए अविलंब बिंदुवार जवाब प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है। उन पर सही तथ्य छिपाने, मुस्लिम समुदाय से जुड़े लोगों को खास लाभ पहुंचाने का आरोप है। एसडीएम दुद्धी निखिल यादव ने पेशकार-लेखपाल के खिलाफ कार्रवाई की पुष्टि की। बताया कि मामले में आवश्यक कार्रवाई जारी है।

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नन्हकी निकली नैमुन्निसा, कहा- उसके नाम का इस्तेमाल कर दूसरों ने लिया बैनामा

नन्हकी का नाम नैमुन्निसा है। सूत्रों के मुताबिक उसने अपने बयान में इस बात को स्वीकार किया है। प्रशासन को बताया है कि स्वयं के लिए कोई जमीन नहीं खरीदी। उसके नन्हकी नाम का इस्तेमाल करते हुए दूसरों के लिए जमीन खरीदी गई। कभी कोरची और कभी सुंदरी का निवासी बताते हुए खरीदी गई। वह मूलतः कोरची की रहने वाली है। उसके पिता महावीर भुइयां को सात बेटे ओर दो बेटियां हैं। उसमें वह सबसे आखिरी संतान है। उसकी शादी खजुरी निवासी राजेंद्र से हुई थी। दो माह बाद ही पति की मौत हो गई। इसके 10 साल बाद उसने सिंदुरी निवासी अब्दुली गनी के सिराजुद्दीन के साथ मुस्लिम रीति-रिवाज से शादी रचा ली। शादी के बाद नन्हकी से नाम बदलकर नैमुन्निसा कर लिया। दूसरे पति से एक बेटा-एक बेटी है। वह दोनों भी मुस्लिम हैं। नन्हकी की तरफ से दावा किया गया है कि उसने खुद से कोई भी जमीन न तो खरीदी न ही बेची। जो भी बैनामा हुआ उसके नाम का इस्तेमाल करते हुए दूसरों ने किया-कराया।
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