रांची ले जाकर गोदाम का जायजा लिया था और अवैध कफ सीरप की आपूर्ति वाले स्थानों की जानकारी हासिल की थी। इसी आधार पर बुधवार को एसआईटी प्रभारी सदानंद राय, प्रभारी निरीक्षक राॅबर्ट्सगंज माधव सिंह और प्रभारी एसओजी राजेश जी चौबे की अगुवाई वाली टीम ने सत्यम कुमार को गिरफ्तार किया।
वह वाराणसी के कोतवाली थाना क्षेत्र के गोला दीनानाथ कबीरचौरा का रहने वाला है। पकड़े गए आरोपी ने रॉबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के बरकरा में किराए का मकान लेकर मां कृपा मेडिकल के नाम से फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र और शपथ पत्र के जरिए ड्रग लाइसेंस ले रखा था। जांच में पाया गया कि फर्म का बगैर संचालन किए करोड़ों के सिरप की आपूर्ति दिखाई गई थी।
पूछताछ में सामने आया मास्टरमाइंड रवि का नाम : एसपी ने बताया कि आरोपी ने पूछताछ में जानकारी दी है कि उसे और उसके भाई विजय गुप्ता को उनके बुआ के लड़के रवि गुप्ता निवासी नई बाजार भदोही ने फर्म पंजीयन की सलाह दी थी। उसी ने मदद कर मां कृपा मेडिकल और शिविक्षा फार्मा स्थापित कराया। दोनों फर्मों के लिए बरकरा तालाब के पास स्थित कटरे की दो दुकान लेकर औषधि निरीक्षक कार्यालय से जनवरी 2024 में ड्रग लाइसेंस बनवाया गया।