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UP: कफ सिरप...10 हजार का इनामी सत्यम अरेस्ट, शैली ट्रेडर्स को भिजवाए थे 12 करोड़; शुभम के करीबी का बताया नाम

Wed, 17 Dec 2025 07:03 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, सोनभद्र।

सार

Cough Syrup Case: कफ सिरप मामले में सोनभद्र पुलिस और एसआईटी को बड़ी सफलता हाथ लगी है। जिले से 10 हजार के इनामी को गिरफ्तार किया गया है। अवैध कारोबार को लेकर उसने कई जानकारी दी है।
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10 हजार के इनामी की जानकारी मीडिया को देती पुलिस। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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Sonbhadra News: कफ सिरप तस्करी की जांच में जुटी एसआईटी और एसओजी की संयुक्त टीम ने बुधवार को 10 हजार के इनामी फर्म संचालक सत्यम कुमार को गिरफ्तार कर लिया। उससे पूछताछ में सोनभद्र में खोली गई दो फर्जी फर्मों के जरिए सिरप खरीद के नाम पर शैली ट्रेडर्स के खाते में 12 करोड़ रुपये भेजे जाने की जानकारी मिली है। 

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यह भी पता चला कि सोनभद्र और भदोही में फर्जी फर्म खोलकर कागजी आपूर्ति दिखाने का मास्टरमाइंड उसका फुफेरा भाई और शुभम का करीबी भदोही का रवि गुप्ता है। उसी ने ममेरे भाइयों और भाभी के नाम फर्म खोलवाई और महज एक से डेढ़ साल में करोड़ों का काला कारोबार कर डाला।

पुलिस लाइन में एसपी अभिषेक वर्मा ने मीडिया को बताया कि कफ सीरप तस्करी की पूरी चेन खंगालने के लिए गठित टीम ने पिछले दिनों सरगना शुभम के पिता भोला प्रसाद जायसवाल को कोलकाता से गिरफ्तार किया था। उससे कस्टडी रिमांड के जरिए चार दिन तक पूछताछ की गई थी। 

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पुलिस ने की कार्रवाई

रांची ले जाकर गोदाम का जायजा लिया था और अवैध कफ सीरप की आपूर्ति वाले स्थानों की जानकारी हासिल की थी। इसी आधार पर बुधवार को एसआईटी प्रभारी सदानंद राय, प्रभारी निरीक्षक राॅबर्ट्सगंज माधव सिंह और प्रभारी एसओजी राजेश जी चौबे की अगुवाई वाली टीम ने सत्यम कुमार को गिरफ्तार किया। 

वह वाराणसी के कोतवाली थाना क्षेत्र के गोला दीनानाथ कबीरचौरा का रहने वाला है। पकड़े गए आरोपी ने रॉबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के बरकरा में किराए का मकान लेकर मां कृपा मेडिकल के नाम से फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र और शपथ पत्र के जरिए ड्रग लाइसेंस ले रखा था। जांच में पाया गया कि फर्म का बगैर संचालन किए करोड़ों के सिरप की आपूर्ति दिखाई गई थी।

पूछताछ में सामने आया मास्टरमाइंड रवि का नाम : एसपी ने बताया कि आरोपी ने पूछताछ में जानकारी दी है कि उसे और उसके भाई विजय गुप्ता को उनके बुआ के लड़के रवि गुप्ता निवासी नई बाजार भदोही ने फर्म पंजीयन की सलाह दी थी। उसी ने मदद कर मां कृपा मेडिकल और शिविक्षा फार्मा स्थापित कराया। दोनों फर्मों के लिए बरकरा तालाब के पास स्थित कटरे की दो दुकान लेकर औषधि निरीक्षक कार्यालय से जनवरी 2024 में ड्रग लाइसेंस बनवाया गया।

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