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सीज की गई खाद बेचने का आरोप, ग्रामीणों ने ट्रक रोका

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मेदनीखाण गांव में दस माह पूर्व सीज की गई खाद को बेचने की कोशिश पर ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया। खाद लदे ट्रक को रोककर उच्चाधिकारियों को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने ट्रक को कब्जे में ले लिया और छानबीन में जुट गई।
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मेदनीखाण गांव में बगैर कागजात के ही उर्वरक आपूर्ति की शिकायत मिलने पर तत्कालीन नायब तहसीलदार राबर्ट्सगंज रवि प्रजापति की अगुवाई वाली टीम ने पांच दिसंबर को छापेमारी कर 275 बोरी डीएपी कब्जे में ले ली थी। उसे सीज करते हुए पटेलनगर चौराहा से सटे शिव मंदिर के पास एक व्यक्ति के घर में रखवा दिया था। मामले में ठाकुर प्रसाद एवं अन्य के खिलाफ न्यायालय अपर जिला मजिस्ट्रेट के यहां मुकदमा भी दर्ज है। अभी उसकी सुनवाई जारी है। इस बीच बुधवार को उस मकान से खाद निकालकर जौनपुर के केराकत में भेजे जाने की सूचना पर ग्रामीण राजेंद्र प्रसाद, ठाकुर प्रसाद, भाजपा विंढमगंज मंडल अध्यक्ष राकेश कुमार केसरी उर्फ बुल्लू, जगत नारायण, मानसिंह, राम अवध, हरिशंकर विजय, अवधेश, गणेश आदि ने ट्रक को रोक लिया और हंगामा करने लगे। मामले की जानकारी पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ट्रक को कब्जे में लेकर थाने ले गई। गांव के ठाकुर प्रसाद का कहना था कि जैविक खाद पारस प्राम डीएपी दानेदार जैविक खाद है। इसे गांव के किसानों से संपर्क कर बेचा जाता है। उसने आरोप लगाया कि वह और गांव के दूसरे लोग खाद को उतारने और चढ़ाने का काम करते थे लेकिन छापे के दौरान डीएपी लाकर आपूर्ति देने वाले व्यक्ति ने उसे ही आरोपी बनवा दिया। इसे लेकर भी कुछ लोगों ने हंगामा किया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
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