राबर्ट्सगंज श्री गुरु सिंह सभा में खालसा जन्मोत्सव में शबद कीर्तन करते रागी जत्था।
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नगर स्थित स्थानीय गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा में बृहस्पतिवार को बैसाखी गुरु पर्व उत्साह पूर्वक मनाया गया। गुरुद्वारा को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। सुबह श्रीअखंड पाठ की समाप्ति के बाद भाई हरमीत सिंह, दया सिंह और लखनऊ से आए राजिंदर सिंह व उनकी टीम ने भजन गाया।
इस अवसर पर सरदार जसवीर सिंह ने बैसाखी के महत्व के बारे में जानकारी दी। कहा कि इस पर्व का महत्व कई प्रकार से है। वर्तमान में किसानों की नई फसल घर आती है, इसे देखकर किसान बहुत खुश होता है और परमेश्वर को धन्यवाद देता है। 14 अप्रैल 1919 में जलियांवाला बाग अमृतसर में जनरल डायर ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले पंजाबियों पर गोलियां चलवाई। इस गोलीकांड में हजारों लोग हताहत हुए। आज के ही दिन सन 1699 में सिखों के दसवें गुरु श्री गुरुगोविंद सिंह ने आनंदपुर साहब में खालसा पंथ की स्थापना की। डरी सहमी सोई हुई जनता के अंदर साहस, वीरता पैदा की। उन्होंने अमृत संचार करा कर पुरुषों को सिंह और स्त्रियों को कौर शब्द नाम से साथ लगाने की आज्ञा दी। प्रसाद व लंगर का वितरण हुआ। कार्यक्रम में देवेंद्र सिंह भंडारी, रंजीत सिंह, अजीत सिंह, अमरजीत सिंह, मनमीत सिंह, परब्रह्मा सिंह, सोनू भंडारी, अरविंद सिंह, जसपाल सिंह, गजेंद्र पाल सिंह, संतोष सिंह, अर्जुन सिंह, बलविंदर सिंह, बलकार सिंह, राकेश मेहता आदि शामिल रहे।
राबर्ट्सगंज श्री गुरु सिंह सभा में खालसा जन्मोत्सव में शबद कीर्तन करते रागी जत्था।- फोटो : SONBHADRA