उत्तर प्रदेश सरकार के विशेष सचिव प्रफुल्ल कमल की टिप्पणी से अधिवक्ता आक्रोशित हैं। इसके विरोध में बुधवार को अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य का बहिष्कार किया। इसकी वजह से कोर्ट का कामकाज प्रभावित रहा। वादकारियों को परेशानी हुई।
विशेष सचिव की ओर से 14 मई को सभी डीएम को भेजे गए पत्र में अधिवक्ताओं को लेकर की गई टिप्पणी से संघ गुस्से में है। सोनभद्र बार एसोसिएशन के अध्यक्ष महेंद्र प्रसाद शुक्ला एडवोकेट ने वकीलों की एक आपात बैठक बुलाई और यह निर्णय लिया गया कि विरोध स्वरूप न्यायिक कार्य से अधिवक्ता बुधवार को विरत रहेंगे। यह भी निर्णय लिया गया कि उत्तर प्रदेश बार काउंसिल जैसा भी निर्णय करेगा उसका अक्षरश: पालन किया जाएगा। बैठक में एल्डर कमेटी के अध्यक्ष केएन मिश्र, गोविंद प्रसाद मिश्र, रमेश राम पाठक, अखिलेश कुमार मिश्र, रमेश प्रसाद चौबे, चंद्रपाल शुक्ल आदि मौजूद रहे। उधर, उत्तर प्रदेश भर काउंसिल के मनोनीत सदस्य राकेश शरण मिश्र ने कहा कि यूपी बार काउंसिल के आदेश पर 20 मई को प्रदेश भर के अधिवक्ता विरोध स्वरूप न्यायिक कार्य से विरत रहेंगे।