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न टूटे टीकाकरण की डोर, अब टीका लगेगा डोर-टू-डोर

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जिले में कोरोना संक्रमण का ग्राफ बढ़ने लगा है। ऐसे में विशेषज्ञों की ओर से टीकाकरण को कोरोना के खिलाफ लड़ाई में सबसे बड़ा हथियार माना जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी भी अधिक से अधिक लोगों को कोरोना के टीकाकरण से रक्षित करने के प्रयास में जुटे हुए हैं। मगर 12 से 14 वर्ष के बच्चों का टीकाकरण रफ्तार नहीं पकड़ रहा है, जो कि स्वास्थ्य विभाग के लिए लिए चिंता का विषय है।
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जिले में बच्चों का टीकाकरण रफ्तार नहीं पकड़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से इन दिनों जिले में सीएचसी-पीएचसी सहित कुल नौ स्थानों पर टीकाकरण किया जा रहा है। कुछ स्थानों पर स्कूलों में कैंप लगाकर टीकाकरण किया जा रहा है। शासन की ओर सेेेेेेेेेेेेेेेे 12 से 14 वर्ष की उम्र के 78898 बच्चों को टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया था। वहीं विभाग की ओर से इस उम्र के 5000 बच्चों को रोजाना टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया है। मगर अभी तक जिले में सिर्फ 48084 बच्चों को ही टीका लगाया गया है। अब स्कूलों में भी गर्मियों की छुट्टियां होने वाली हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग अब टीकाकरण के लक्ष्य तक पहुंचने के लिए अन्य विकल्पों पर विचार कर रहा है। स्वास्थ्य विभाग बच्चों के टीकाकरण के लिए अब डोर-टू-डोर अभियान चलाएगा। इसके लिए स्वास्थ्य महकमा रणनीति तैयार करने में जुटा है। विभाग के अनुसार जिले में स्कूल की छुट्टियां होने के कारण अब गांवों में कैंप लगाया जाएगा। इसमें आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर बच्चों को चिह्नित कर रिपोर्ट तैयार करेंगी। वहीं अभिभावकों से संपर्क कर कैंप लगवा कर टीकाकरण में सहयोग करेंगी। इसके साथ ही गांवों में शत-प्रतिशत टीका के लिए ग्राम प्रधान और कोटेदारों का सहयोग लिया जा जाएगा। स्वास्थ्य विभाग कोरोना के केस में वृद्धि से पहले बच्चों के टीकाकरण के लक्ष्य को पाने की जुगत में जुटा है।
टीकाकरण में बभनी फिसड्डी
जिले में स्वास्थ्य विभाग की ओर से 12 से 14 वर्ष के बच्चों के टीकाकरण के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत ब्लॉक वार लक्ष्य का निर्धारण किया गया है। लक्ष्य के अनुसार टीकाकरण में सबसे बेहतर प्रदर्श न राबर्ट्सगंज ब्लॉक ने किया है। संख्या के हिसाब से यहां सर्वाधिक 10977 बच्चों को कोरोना के टीकाकरण से रक्षित किया गया है। वहीं टीकाकरण में सबसे निचले पायदान पर बभनी ब्लॉक है। जहां अभी तक इस उम्र के महज 1670 बच्चों को टीका लगाया गया है।
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जिले में बच्चों के टीकाकरण के लिए विशेष रूप से जोर दिया जा रहा है। स्कूलों की छुट्टियां होने वाली हैं। ऐसे में अब गांवों में आशा कार्यकत्रियों, एएनएम, प्रधान और कोटेदार का सहयोग लेकर कैंप लगाया जाएगा। - डॉ. गिरधारी लाल, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी।
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