सीएमओ कार्यालय सोनभद्र में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के खाते से लाखों रुपये साइबर क्राइम के जरिये उड़ाने के मामले में साइबर सेल ने आरोपी को पकड़ लिया। रविवार को रोडवेज बस स्टैंड गिरफ्तार आरोपी ने बताया कि इसमें उसके साथ भाई और एक अन्य युवक भी शामिल है। इस समय दोनों तेलंगाना में साइबर अपराध मामले में सजा काट रहे हैं।
अपर मुख्य चिकित्साधिकारी विनोद कुमार अग्रवाल ने नौ फरवरी 2021 को साइबर क्राइम थाने में इस बाबत मुकदमा दर्ज कराया था। तहरीर के अनुसार सोनभद्र के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के खातों से फर्जी डिजिटल सिग्नेचर के जरिये 77 लाख 60 हजार रुपये उड़ा दिए गए थे। पुलिस ने आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की।
अपर पुलिस महानिदेशक साइबर क्राइम लखनऊ, पुलिस उप महानिरीक्षक विंध्याचल परिक्षेत्र के निर्देश पर कार्रवाई के लिए टीम गठित की गई। नोडल अधिकारी साइबर क्राइम थाना सीओ डॉ. अरुण कुमार सिंह के निर्देशन में छानबीन की गई। नाम सामने आने पर रोडवेज बस स्टैंड के पास से नाजिम हाशमी, निवासी ईशीपुर, थाना ईशीपुर, जनपद भागलपुर, बिहार को गिरफ्तार कर लिया गया।
इस तरह से किया फ्रॉड
साइबर थाना प्रभारी संजीव कुमार ने बताया कि पूछताछ में आरोपी नाजिम हाशमी ने बताया कि वह बिहार के भागलपुर का है। उसका भाई काजिम हाशमी डाटा इंट्री का काम करता था। उसका दोस्त विनीत निवासी राजगांव पोस्ट बरमशीया थाना ईसीपुर भागलपुर, वहां के एसबीआई बैंक का सीएसपी सेंटर चलाता था।
बताया कि काजिम पीएफएमएस पोर्टल भी चलाना जानता था। साथ ही यूट्यूब से कई तरीके भी सीखे। इसके बाद फर्जी डिजिटल सिग्नेचर बनाया। पीएफएमएस पोर्टल पर फर्जी ईमेल आईडी के माध्यम से रजिस्टर्ड कराया। अपने घर के आसपास के सीएसपी सेंटर में खाता धारकों के खातों में धन फ्राड करके मंगाया गया। बताया कि उसका भाई व विनीत कुमार जनपद रंगारेडी, राज्य तेलंगाना में जेल में निरुद्ध है।
खाता संचालन पर रोक
आरोपी नाजिम के पास से मोबाइल, बैंक आफ बड़ौदा के तीन कार्ड, नगद 7300 रुपये बरामद किए गए हैं। गिरफ्तार किए गए आरोपी के एसबीआई खाते में एक लाख 20 हजार रुपये हैं, अब खाता संचालन पर रोक लगाया दिया गया है। पंजाब नेशनल बैंक के खाते में करीब दो लाख और उसके भाई के खाते में पांच लाख 50 हजार रुपये थे, इन खातों के संचालन पर भी रोक लगा दिया गया है।