जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से शनिवार को जनपद न्यायालय परिसर अन्य न्यायालयों में लोक अदालत का आयोजन किया गया। लोक अदालत में कुल 95351 मामले निस्तारित किए गए। इस दौरान 20.7 करोड़ से अधिक जुर्माना एवं समाधान धनराशि जमा कराई गई।
जनपद न्यायालय परिसर में लोक अदालत का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश रवींद्र विक्रम सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस दौरान डीएम बद्रीनाथ सिंह और एसपी अशोक कुमार मीणा भी उपस्थित रहे।
राष्ट्रीय लोक अदालत में विशिष्ट विषय आपराधिक शमनीय वाद, धारा-138 एनआई एक्ट के वाद, बैंक वसूली वाद, मोटर दुर्घटना प्रतिकर याचिकाएं, पारिवारिक वादों आदि से संबंधित मामलों के साथ सुलह योग्य प्री-लिटिगेशन मामलों को भी सुलह समझौते के आधार पर निस्तारित किया गया।
परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश राजेंद्र सिंह के न्यायालय में कुल 18 वाद निस्तारित हुए। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के पीठासीन अधिकारी खलीकुज्जमा की कोर्ट में 25 मामलों का निस्तारण हुआ। कुल 16476000 रुपये जमा कराया गया।
विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) अमित वीर सिंह की कोर्ट से एक मामला निस्तारित हुआ। एडीजे जितेंद्र कुमार द्विवेदी की कोर्ट में 88, विशेष न्यायाधीश आबिद शमीम की कोर्ट ने चार मामलों का निस्तारण किया।
राष्ट्रीय लोक अदालत में सभी जनपद न्यायालय, राजस्य न्यायालय एवं अन्य न्यायालय एवं अन्य विभागों में लंबित एवं प्री-लिटिगेशन के कुल 95351 मामलों का निस्तारण किया गया। इसके अंतर्गत जुर्माना एवं समाधान धनराशि 200742986 रुपये जमा हुए।