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वायरल की चपेट में 80 फीसदी मरीज

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जिला संयुक्त चिकित्सालय में भर्ती मरीज। - फोटो : SONBHADRA
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सोनभद्र। डेंगू और वायरल बुखार का संक्रमण बढ़ता जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के रिकार्ड में अभी कोई डेंगू का मरीज नहीं मिला है, लेकिन वायरल बुखार से ग्रसित लोग रोजाना अस्पताल पहुंच रहे हैं। इसमें सबसे ज्यादा संख्या बच्चों की है। जिला अस्पताल में सोमवार को भी मरीजों की भीड़ लगी रही। सामान्य ओपीडी ठप होने के बावजूद करीब चार सौ से अधिक मरीज अस्पताल पहुंचे थे। इनमें 80 फीसदी मरीज वायरल बुखार और डेंगू जैसे लक्षणों के थे। डेंगू के जांच की व्यवस्था न होने से मरीजों को वायरल बुखार की दवा देकर ही लौटाया जा रहा है।
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कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए जिला अस्पताल में अब तक ओपीडी सेवा शुरू नहीं की गई है। सिर्फ बुखार, बाल रोग व नेत्र रोग से जुड़े मरीजों के लिए डॉक्टर सेवाएं दे रहे हैं। अस्पताल में पहुंचने वाले ज्यादातर मरीज भी इसी श्रेणी के हैं। सोमवार को अस्पताल पहुंचे 70 से अधिक बच्चों में बुखार की शिकायत थी। वहीं करीब ढाई सौ अन्य मरीज भी इन्हीं बीमारियों से ग्रसित थे। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एसके चतुर्वेदी ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से लगातार 70-80 बच्चे आ रहे हैं, जिन्हें वायरल बुखार की समस्या है। उन्हें दवा के साथ ही खानपान में सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। उधर, जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. डीएन श्रीवास्तव ने बताया कि डेंगू का कोई मामला अभी स्पष्ट नहीं हुआ है। हालांकि डेंगू जैसे लक्षण के मरीज लगातार सामने आ रहे हैं। सोमवार को लक्षणयुक्त मरीज मिलने की सूचना पर हिंडाल्को टीम भेजी गई है। डेंगू से बचाव के लिए नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों में संबंधित अधिकारियों को दिशा निर्देश दिया गया है।
बिना उपचार लौटाने का आरोप
मौसम में परिवर्तन व वायरल मरीजों की संख्या बढ़ने के साथ ही लोढ़ी स्थित जिला संयुक्त चिकित्सालय में दुर्व्यवस्था बढ़ गई है। मरीजों को बिना उपचार के ही लौटा दिया जा रहा है। सोमवार को जिला अस्पताल आई शाहगंज की नमिता का कहना है कि मरीजों को उपचार किए बगैर ही वापस कर दिया जा रहा है। हेवती गांव के मेराज ने बताया कि अस्पताल में डाक्टर कम आ रहे हैं। वृद्ध माता को लेकर भर्ती दुद्धी के नंदलाल का कहना है कि अस्पताल में दवाएं नहीं मिल रही हैं। बाहर से दवा लिखी जा रही है। राबर्ट्सगंज के अमरेश ने अस्पताल में अल्ट्रासाउंड न होने की समस्या बताई।
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जिला अस्पताल में 13 वार्ड का बेड तैयार
शासन की सख्ती के बाद अब जिले का स्वास्थ्य महकमा भी डेंगू को लेकर अलर्ट हो गया है। जिला अस्पताल में बने डेंगू वार्ड को सोमवार से दुरुस्त कर दिया गया। अब तक यहां सिर्फ नाम का वार्ड था। बेड पर धूल की मोटी परत जमी थी, जबकि अब वार्डों में बेड लगाने के साथ ही उस पर मच्छरदानी भी तान दी गई है। कुल 13 बेड वाले इस वार्ड का प्रभारी डॉ. बीके श्रीवास्तव को नामित किया गया है। उन्होंने बताया कि डेंगू लक्षण के मरीजों की प्राथमिक जांच कराने की व्यवस्था है। अगर डेंगू के गंभीर मरीज मिलते हैं तो उन्हें वार्ड में भर्ती कर इलाज किया जाएगा।
बरतें सावधानी, घरों के पास न जमा होने दें पानी
जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ. क्रांति कुमार ने डेंगू से बचाव के लिए लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। कहा कि लोग मच्छरदानी लगाकर सोएं। इससे डेंगू, मलेरिया और फायलेरिया बीमारी नहीं होगी। अपने घरों के आस-पास के क्षेत्र को साफ सुथरा रखें और पानी जमा न होनें दें। कूलर का पानी नियमित रूप से बदलते रहें। डेंगू मच्छर दिन में काटते हैं, इसलिए जूता-मोजा व फुल बांह का शर्ट पहनें। डेंगू का लक्षण दिखने पर तत्काल डाक्टर जांच कराएं और डाक्टर की सलाह लेकर उपचार कराएं। जुलाई से अक्तूबर तक डेंगू का खतरा ज्यादा रहता है।
एंटी लार्वा का किया जा रहा छिड़काव
जिले की इकलौती नगर पालिका परिषद सोनभद्र के साथ ही घोरावल, चोपन, चुर्क/गुरमा, रेणुकूट, पिपरी, दुद्धी, डाला, ओबरा, अनपरा सहित सभी नगर पंचायतों में एंटी लार्वा का छिड़काव किया जा रहा है। डीपीएम नीरज कुमार ने बताया कि संबंधित निकाय के अधिकारी जागरूकता कार्यक्रम चला रहे हैं। इसके साथ ही मच्छररोधी दवा एंटी लार्वा का छिड़काव कराया जा रहा है।
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