एनटीपीसी का 47वां स्थापना दिवस रविवार को धूमधाम से मनाया गया। जिले में स्थित एनटीपीसी की सिंगरौली और रिहंद परियोजनाओं में ध्वजारोहण हुआ। कर्मचारियों ने एनटीपीसी गीत गाया। वहीं एनटीपीसी के उद्देश्यों की पूर्ति के लिए पूरे समर्पित भाव से कार्य करने की शपथ ली।
एनटीपीसी सिंगरौली (शक्तिनगर) में हुए कार्यक्रम के मुख्य अतिथि परियोजना प्रमुख बसुराज गोस्वामी ने कहा कि एनटीपीसी मौजूदा वक्त में 67657.5 मेगावाट विद्युत उत्पादन करने वाली देश की प्रमुख विद्युत उत्पादक कंपनी बन गई है। चार दशक पुराने शक्तिनगर पावर प्लांट का स्थान किफायती विद्युत उत्पादक बिजली संयंत्र में बरकरार है। उन्होंने बताया कि एनटीपीसी समूह वर्तमान वित्त वर्ष में संचयी उत्पादन 100 बिलियन यूनिट से अधिक विद्युत उत्पादन कर देश के कल कारखानों को विद्युत शक्ति का सार्थक सहयोग प्रदान किया है। हमें गर्व है कि इस विशाल विद्युत उत्पादक कंपनी का शुभारंभ सिंगरौली की धरती से हुआ था। कार्यक्रम में सोमनाथ चट्टोपाध्याय महाप्रबंधक (ईंधन प्रबंधन), बीएन झा महाप्रबंधक (मेकैनिकल अनुरक्षण), डॉ. एसके खरे, महाप्रबंधक (चिकित्सा), वी. शिवा प्रसाद, विभागाध्यक्ष (मानव संसाधन) आदि मौजूद रहे।
उधर रिहंद स्टेशन के प्रशासनिक भवन परिसर में हुए कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्य महाप्रबंधक (रिहंद) देवब्रत पॉल ने परंपरागत ढंग से एनटीपीसी ध्वज फहरा कर समारोह का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि एनटीपीसी वर्ष 1975 से देशवासियों की जिंदगी में उजाला भरने का काम करती आ रही है। इसी का परिणाम है कि एनटीपीसी आज भारत की सबसे बड़ी विद्युत उत्पादन कंपनी बन चुकी है। रिहंद स्टेशन जहां 3 हजार मेगावाट उत्पादन के साथ विशेष स्थान पर है वहीं दूसरी तरफ यह स्टेशन पर्यावरण के प्रति हमेशा सजग रहा है। इस अवसर पर एनटीपीसी रिहंद सीएसआर के संयोजन में 19 मेधावी छात्र-छात्राओं को उत्कर्ष छात्रवृत्ति भी प्रदान की गई। कार्यक्रम में महाप्रबंधक (अनुरक्षण) एके पपनेजा, महाप्रबंधक (एफ़एम) एम. रमेश, अपर महाप्रबंधक एसवीडी रवि कुमार आदि मौजूद रहे।