घोरावल। ब्लॉक के दीवां ग्राम पंचायत में पीएम आवास (ग्रामीण), शौचालय निर्माण, कूप निर्माण और बाउली निर्माण में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी का मामला सामने आया है। सोमवार की देर शाम एसडीएम मनिकंडन ए. ने चौपाल लगाकर ग्रामीणों की शिकायतें सुनी। शिकायतें सही मिलने पर उन्होंने तहसीलदार की अध्यक्षता में चार सदस्यीय टीम गठित कर चार दिन में रिपोर्ट तलब किया है।
दीवां ग्राम पंचायत निवासी प्रदीप कुमार पुत्र भोला सिंह ने चार दिनों पूर्व एसडीएम मनिकंडन ए. को शपथ पत्र देकर आरोप लगाया था कि ग्राम पंचायत में पीएम आवास, शौचालय, कूप व बाउली निर्माण में गड़बड़ी की गई है। उनसे बताया कि ग्राम पंचायत को प्रधानमंत्री आवास योजना में 52 आवास मिले। इनमें से 35 आवासों के निर्माण का ठेका ग्राम प्रधान ने खुद ले लिया। लाभार्थियों का पैसा भी उनके खाते में से निकलवाकर ले लिया। आवास आवंटन के लिए लाभार्थियों से रुपये लेने का भी आरोप लगाया। यहां 294 शौचालयों के निर्माण का एमआईएस कराया गया, 201 शौचालयों का निर्माण कराया जा रहा है। शेष 93 शौचालयों का कोई अता पता नहीं है। मनरेगा से कूप निर्माण के लिए दुक्खी कोल के नाम से इस्टिमेट बना और कार्य दुक्खी पाल के खेत में हो रहा है। शोभनाथ के खेत में बाउली निर्माण किया गया है, जबकि वह इस योजना के लिए अपात्र हैं। शोभनाथ खुद सेवानिवृत्त अध्यापक हैं। उनके दो पुत्र सरकारी अध्यापक और बहू एएनएम हैं। उसकी शिकायत पर एसडीएम मनिकंडन ए. ने सोमवार देर शाम बीडीओ निरंकार मिश्रा, कानूनगो, लेखपाल के साथ गांव में चौपाल लगाया। यहां ग्रामीणों की समस्या सुना। ग्रामीणों ने कई शिकायतें यहां की। जांच टीम में तहसीलदार, एडीओ (आइएसबी) जयप्रकाश चौबे, कानूनगो बालवीर सिंह और सचिव प्रदीप कुमार सिंह शामिल हैं। एसडीएम ने कहा कि जांच रिपोर्ट आने के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।