17 साल पहले हत्या के प्रयास मामले में अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम सोनभद्र खलीकुज्जमा की अदालत ने बृहस्पतिवार को सुनवाई करते हुए चार दोषियों को 10-10 साल कैद की सजा सुनाई। उन पर 12-12 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड न देने पर तीन-तीन माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक राबर्ट्सगंज कोतवाली में एक अप्रैल 2005 को दी तहरीर में अशोक कुमार सिंह ने आरोप लगाया था कि तीन बजे दिन में भाई राजकुमार के खेत में बगथरी खुर्द गांव निवासी जय सिंह की गाय चली गई थी और फसल नुकसान कर रही थी। जब राजकुमार की पत्नी ने इसका विरोध किया तो जय सिंह ने गाली देते हुए लाठी-डंडे से भाई राजकुमार के कच्चे घर के खपरैल को तोड़ दिया। देर शाम राजकुमार घर पहुंचा तो जय सिंह, सुनील कुमार सिंह, दुरावल कला निवासी शिव प्रसाद सिंह और महेंद्र गड़ासा, भाला लेकर दरवाजे पर चढ़ गए और राजकुमार को बेरहमी से मारपीट कर घायल कर दिया। शोरगुल की आवाज सुनकर मौके पर जब अशोक कुमार पहुंचा तो धमकी देते हुए आरोपी भाग गए। राजकुमार को गंभीर चोट आई। इस तहरीर पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना की। पर्याप्त सबूत मिलने पर विवेचक ने न्यायालय में चार्जशीट दाखिल किया। अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने व गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषसिद्ध पाकर दोषी जय सिंह, शिव प्रसाद, महेंद्र व सुनील कुमार सिंह को 10-10 साल की कैद की कैद और 12-12 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर तीन-तीन माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। अभियोजन पक्ष की ओर से अपर जिला शासकीय अधिवक्ता कुंवर वीर प्रताप सिंह ने बहस की।