सीतापुर। जन विश्वास यात्रा की जनसभा से सीएम योगी आदित्यनाथ विधानसभा चुनाव से पहले सबको साध गए। उन्होंने साढ़े चार साल के कार्यकाल में सरकार की खूबियां गिनाईं तो विपक्षी दलों पर हमला बोलने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी। गांव, गरीब, किसान, नौजवान, महिलाओं, छात्राओं से लेकर युवाओं तक की बात की। सपा, बसपा और कांग्रेस की सरकारों पर निशाना साधने के साथ ही इशारों में बहुत कुछ समझा और बता गए।
पूर्व की सरकारों और यूपी में भाजपा सरकार के कामकाज की तुलना करते हुए गरीबों को बड़े पैमाने पर आवास, शौचालय, बिजली जैसी बेहतर सुविधाएं देने की बात खुले मंच से करके सीएम ने गांव और गरीबों को जोड़ने की कोशिश की। नौजवानों को नौकरी देने और आने वाले समय में उन्हें रोजगार के साधन मुहैया कराने की बात कहकर उन्हें भी साधने की कोशिश की।
पश्चिमी यूपी में 2017 से गुंडों के आतंक से बहन-बेटियों को हो रही असुरक्षा और अब किसी गुुंडे में बेटी को छेड़ने की हिम्मत न होने की बात कहकर सीएम ने आधी आबादी को सुरक्षा का एहसास कराया। 25 दिसंबर को अटल जयंती पर छात्राओं को स्मार्टफोन व टैबलेट देने को लेकर सपा सरकार पर निशाना साधते हुए यह बताने की कोशिश की कि उनकी सरकार भी छात्र-छात्राओं के साथ खड़ी है।
उनकी बेहतरी के लिए कार्य कर रही है। अयोध्या में बन रहे प्रभु श्रीराम के भव्य मंदिर निर्माण को लेकर सपा, बसपा, कांग्रेस की सरकारों पर निशाना साधने के साथ मुख्यमंत्री ने लहरपुर की धर्म स्थली से यह संदेश दिया कि इन सरकारों में यह मुमकिन नहीं था। लहरपुर के पौराणिक तीर्थ से काशी विश्वनाथ धाम, वृंदावन, मथुरा का भी जिक्र कर आस्था के हिलोरे पैदा कर गए।
किसानों के प्रति दिखाई हमदर्दी
सीएम ने सभी को साधने के साथ किसानों के प्रति हमदर्दी दिखाई। बोले कि यहां के लोग प्रगतिशील किसान हैं। मेहनत करते हैं, लेकिन 2017 से पहले कर्ज में डूबे थे। उचित दाम तक नहीं मिलते थे। गन्ना किसानों का भुगतान बकाया था। हमारी सरकार आई तो डेढ़ लाख करोड़ का भुगतान करने का काम किया है। सपा, बसपा से आगाह करते हुए कहा कि 14 सालों में दोनों सरकारों ने जितना भुगतान नहीं किया, उतना भाजपा ने साढ़े चार साल के कार्यकाल में किया है।
निशाने पर रहे अखिलेश, बिना नाम लिए कसे तंज
करीब 25 मिनट के भाषण में योगी आदित्यनाथ के निशाने पर समाजवादी पार्टी ही रही। हालांकि, भाषण में उन्होंने बसपा और कांग्रेस पर भी निशाना साधा, लेकिन सबसे ज्यादा हमले सपा पर किए। अखिलेश यादव का नाम तो नहीं लिया, लेकिन बबुआ कहकर उन पर खूब तंज कसे। सभी को साधते हुए और विपक्ष पर हमलावर सीएम योगी ने लोगों को यह भी बताया कि उत्तर प्रदेश के सामने पहचान का संकट था। आस्था के साथ खिलवाड़ हो रहा था। सरकारें स्पीड ब्रेकर काम कर रहीं थीं।