रेउसा (सीतापुर)। तराई इलाके में बह रही शारदा व सरयू नदी फिर से उफनाने लगी है। नदियों का जलस्तर अचानक बढ़ गया है। इसकी वजह से 10 गांवों के अंदर पानी पहुंच गया है। इन गांवों के संपर्क मार्ग भी जलमग्न हो गए है। 20 गांवों के किनारे पर पानी ने दस्तक दे दी है। अगर जलस्तर बढ़ता है तो इन गांवों के अंदर पानी पहुंच जाएगा। ग्रामीण जलस्तर बढने से आशंकित हैं। पानी के बीच से होकर लोग निकलने को मजबूर हैं।
बिसवां तहसील में बह रही शारदा व सरयू नदी का जलस्तर बढ़ गया है। हालांकि अभी यह खतरे के निशान से नीचे है। लेकिन निचले गांवों के अंदर पानी पहुंच गया है। गोलोक कोडर के मजरा संभारीपुरवा, लोधपुरवा, दुर्गापुरवा, ठेकेदारपुरवा, रामलालपुरवा, आशारामपुरवा व दुर्गापुरवा गांवों के अंदर पानी पहुंच गया है। रास्तों पर भी पानी आ गया है।
इसके अलावा गुरगुचपुर व ठेकेदारपुरवा के संपर्क मार्ग पर बनी पुलिया के ऊपर से पानी बह रहा है। पानी के बीच से होकर लोग निकलने को मजबूर हैे। ग्रामीणों का कहना है कि तहसील प्रशासन द्वारा अभी तक एक भी नाव नहीं दी गई है। रात के समय यहां से निकलना किसी खतरे से कम नहीं है।
इसके अलावा मरैली, सलामत पुरवा, ठेकेदारपुरवा, गार्गीपुरवा, दर्जिनरेती, परमेश्वरपुरवा, नगीना पुरवा, लोधनपुरवा, पासिनपुरवा, लालापुरवा, जाइतिहिया, मेवड़ी छोलहा, धूसपुरवा, श्रीरामपुरवा सहित 15 गांवों के किनारे पानी पहुंच गया है। इससे इन गांवों के लोग बहुत ही भयभीत है। अब उन्होंने सुरक्षित स्थानों की तरफ जाने के लिए तैयारी शुरू कर दी है।
तहसीलदार अभिचल प्रताप सिंह ने बताया कि गांवों में जलस्तर बढ़ा है। 235 लोगों को मदद दी जा चुकी है, बाढ़ प्रभावित लोगों को राशन किट मुहैय्या कराई जा रही है।