नैमिषारण्य चक्रतीर्थ में स्नान करते श्रद्घालु। - संवाद
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नैमिषारण्य/सीतापुर। आषाढ़ माह की हलहारिणी अमावस्या पर बुधवार को नैमिषारण्य में करीब दो लाख श्रद्धालुओं ने चक्रतीर्थ सहित विभिन्न घाटों पर आस्था की डुबकी लगाई। इसके बाद पितरों को तर्पण किया। तीर्थ स्थित गोमती नदी के राजघाट, देवदेवेश्वर घाट, दशाश्वमेध घाट व चक्रतीर्थ पर सुबह चार बजे से ही श्रद्धालुओं की भीड़ जुट गई। गोमती नदी के घाट सहित चक्रतीर्थ व नगर स्थित मंदिरों में पूजन पाठ के साथ ही सुबह से ही विशेष धार्मिक आयोजन होते रहे।
इस अवसर पर चक्रतीर्थ व गोमती नदी के सभी प्रमुख घाटों पर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। इस मौके पर भक्तों ने नगर में कई जगह भंडारे के आयोजन व भगवान सत्यनारायण की कथा, श्री विष्णु सहस्रनाम पाठ, श्रीमद्भागवत मूल पाठ, ललिता सहस्त्रनाम पाठ सहित धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया। कई श्रद्धालुओं ने परिवार के साथ धार्मिक कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। इस अवसर पर घाटों पर मौजूद पुरोहितों को दान पुण्य किया।
रोगों से छुटकारे के लिए सूर्य कुंड सरोवर में किया स्नान
लहरपुर संवाद के अनुसार क्षेत्र के प्रसिद्ध सूर्यकुंड मंदिर पर हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने पवित्र सरोवर में स्नान कर भगवान शंकर की पूजा अर्चना की। कामेश्वर नाथ बाबा की पूजा अर्चना कर देश में शांति के लिए प्रार्थना की। इस मौके पर मंदिर प्रांगण में एक विशाल मेले का आयोजन किया गया। सूर्य कुंड मंदिर स्थित सरोवर की मान्यता है कि इसमें स्नान करने से मनुष्य अधिकांश रोगों से मुक्त हो जाता है। सफेद दाग के रोगी ठीक हो जाते हैं। मिश्रिख संवाद के अनुसार दधीचि कुंड पर तमाम श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाकर दान पुण्य किया।
धार्मिक अनुष्ठान का चलता रहा सिलसिला
तीर्थ के मंदिरों, आश्रमों में धार्मिक अनुष्ठानों का सिलसिला सुबह से शाम तक जारी रहा। स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने मां ललिता देवी मंदिर, व्यास गद्दी, हनुमान गढ़ी, सूतगद्दी, कालीपीठ, देवदेवेश्वर धाम आदि धर्म स्थलों में पूजन अर्चन किया।