फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बाघ के मिले नए पग चिह्न, दहशत

विज्ञापन
फोटो-34 सीतापुर के महोली इलाके में रविवार को बाघ के मिले ताजा पगचिन्ह। - संवाद - फोटो : SITAPUR
विज्ञापन
महोली (सीतापुर)। क्षेत्र में करीब एक माह से बाघ की चहलकदमी से ग्रामीणों में दहशत है। वन विभाग लगातार क्षेत्र में कांबिग कर रहा है। इसके साथ ही कई बार बाघ को पकड़ने के लिए पिंजड़ा भी लगाया गया, लेकिन बाघ पकड़ से दूर है। रविवार सुबह फिर से वन विभाग ने क्षेत्र में कांबिग की, जिसमें बाघ के ताजा पग चिह्न मिले हैं। इससे बाघ की मौजूदगी के प्रमाण मिले। क्षेत्रवासियों में दहशत बढ़ गई है।
विज्ञापन

रविवार सुबह वन विभाग की टीम को चंद्रा गांव के निकट मोगा ढाबा के पीछे खेतों में कांबिंग के दौरान बाघ के ताजा पद चिह्न मिले हैं। जिससे एक बार फिर क्षेत्रवासियों में बाघ की मौजूदगी से दहशत है। चन्द्रा गांव निवासी सरदार कुलदीप सिंह 17 जनवरी सोमवार देर शाम अपने खेतों की ओर गया था, वहां उसको जंगली जानवर के पग चिह्न दिखे थे।
इसकी जानकारी वन विभाग को होने पर मंगलवार को टीम मौके पर पहुंची और पग चिह्न की जांच की थी, जिसमें बाघ होने की पुष्टि हुई थी। इसके बाद चंद्रा गांव में एक गाय को बाघ ने निवाला बनाया। जिससे वन विभाग हरकत में आया और 29 जनवरी को चंद्रा गांव व कारेदेव मंदिर के मध्य जंगल में पिंजड़ा लगा दिया। बाघ के शिकार के लिए बकरे को बांधा गया। इस दौरान बाघ पिंजड़े के करीब तक तो आया, लेकिन वापस चला गया।
विज्ञापन

इस बीच वन विभाग की टीम लगातार क्षेत्र मे कांबिंग करती रही। पिछले 10 दिनों से क्षेत्र में कहीं भी बाघ के पग चिह्न नहीं मिले थे। जिससे वन विभाग की टीम व ग्रामीण बाघ के खीरी के जंगलों में वापस चले जाने का कयास लगाते हुए राहत महसूस करने लगे थे। वन विभाग भी उच्चाधिकारियों से वार्ता कर पिंजड़ा हटाए जाने को लेकर कवायद शुरू कर दी थी। इसी बीच रविवार को मिले ताजा पग चिह्नों से वन विभाग फिर हरकत में आ गया है। क्षेत्र में कांबिंग शुरू कर दी है।
पिंजड़े में बांधा जाएगा बकरा
वन क्षेत्राधिकारी सीके पांडेय ने बताया कि रविवार को चंद्रा गांव के निकट मोगा ढाबा के पीछे ताजा पग चिह्न मिले हैं। रात में बाघ के शिकार के लिए बकरे को पिंजड़े में बांधा जाएगा। ग्रामीणों को सचेत किया गया है कि सतर्क रहें। समूह बनाकर लाठी-डंडे लेकर ही खेतों की तरफ निकले।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें