कमलापुर (सीतापुर)। क्षेत्र के चंदोखा गांव में सोमवार शाम बाघ ने बकरियों के झुंड पर हमला कर दिया। इस दौरान उसने पांच बकरियों को मार डाला और एक को जंगल में उठा ले गया। बाघ को देखकर चरवाहे शोर मचाते हुए गांव की ओर भाग खड़े हुए। सूचना के बाद मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने जांच पड़ताल की और ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी।
इलाके में बाघ की चहलकदमी करीब एक माह से जारी है। बाघ सरायन और गोन नदी के कछार में लगातार ठिकाना बदल रहा है। सोमवार शाम करीब पांच बजे चंदोखा गांव के पास सितारा देवी व अन्य महिलाएं बकरी चरा रही थीं। अचानक बाघ ने बकरियों के झुंड पर हमला कर दिया। बाघ को देख महिलाएं चीख पुकार मचाती हुईं गांव की ओर भागीं। शोर सुनकर ग्रामीण एकत्र हुए और लाठी-डंडे लेकर मौके पर पहुंचे तो पांच बकरियां मरी हुई मिलीं, जबकि एक को बाघ जंगल में उठा ले गया था। चंदोखा के राम गोपाल ने बताया कि बाघ के हमले में बाघ के हमले में भगवानी की तीन, हीरालाल व शिवबालक की एक-एक बकरी मर गई। भगवानी की एक बकरी गायब है। बाघ के हमले से ग्रामीण दहशत में हैं। वन विभाग को सूचना दी गई तो टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की। सिधौली वन क्षेत्राधिकारी रोहित निगम ने बताया कि वह मौके पर गए थे। गांव वालों को सतर्क रहने के लिए जागरूक किया जा रहा है। उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है।