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तीन किमी. दूरी तय करने में लगा डेढ़ घंटा

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नवीन गल्लामंडी के पास ट्रैक्टर रैली में नाचते संयुक्त किसान मोर्चा के पदाधिकारी। -संवाद - फोटो : SITAPUR
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सीतापुर। शहर में जाम की समस्या आम हो चुकी है। दिन पर दिन परेशानी बढ़ती जा रही है। आए दिन जाम लगने की अलग-अलग वजहें होती हैं, लेकिन बुधवार को कृषि कानून की वापसी को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से खुशी का इजहार करते हुए निकाली गई ट्रैक्टर रैली ने लोगों के सामने मुश्किलें खड़ी कर दीं। लोग जाम में जूझने को मजबूर हो गए। तीन किमी. का सफर तय करने में लोगों को डेढ़ घंटे लग गए। अब लोगों को हुई इस परेशानी का जिम्मेदार कौन है। इस पर कोई बोलने को तैयार नहीं है।
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पिछले दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कृषि कानूनों को वापस लेने का फैसला किया था। इसी के बाद से संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से खुशी का इजहार करने के लिए ट्रैक्टर रैली निकालने की कोशिश की जा रही थी। इसको लेकर कई दिनों से मोर्चा की ओर से प्रयास किए जा रहे थे, लेकिन पुलिस-प्रशासन की अनुमति ने नहीं मिल रही थी।
इसी बीच बुधवार की सुबह संयुक्त किसान मोर्चा ने ट्रैैक्टर रैली निकालने का फैसला कर लिया। बुधवार सुबह करीब साढ़े दस बजे मोर्चा के पदाधिकारी, किसान ट्रैक्टरों के साथ गल्ला मंडी गेट पर एकत्रित हुए, जहां से अबीर-गुलाल खलते हुए खुशी का इजहार कर ट्रैक्टर रैली की शुुरुआत की। एक लाइन से करीब 40 से 50 के करीब ट्रैक्टर गल्ला मंडी से लालबाग की ओर चले। कुछ ही देर में देखते ही देखते जिस लाइन से ट्रैैक्टर रैली जा रही थी, उधर जाम की समस्या खड़ी होने लगी।
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कार, बाइक से लेकर ई-रिक्शा चालकों, स्कूली वाहन तक को निकलने की जगह नहीं मिली। पूरी सड़क जाम हो गई। रैली में जा रहे ट्रैक्टर रेंगकर चल थे, इससे जाम की समस्या और खड़ी हो गई। गल्ला मंडी से लेकर कैप्टन मनोज पांडेय चौक, जीआईसी, लालबाग चौराहा, ट्रांसपोर्ट चौराहा से लेकर बस स्टॉप तक जाम से लोग परेशान रहे।
ट्रैक्टर रैली रोडवेज चौराहे से होते हुए सेक्रेड हार्ट वाले मार्ग से होते हुए ग्रास फार्म पर जाकर खत्म हुई। ऐसे में गल्ला मंडी से राडेवेज तक करीब तीन किमी. की दूरी को तय करने में लोगों को डेढ़ घंटे का समय लग गया।
बिना अनुमति निकाली गई ट्रैैक्टर रैली
संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से ट्रैैक्टर रैली निकालने के लिए पिछले कई दिनों से अनुमति मांगी जा रही थी, लेकिन पुलिस-प्रशासन अनुमति नहीं दे रहा था। आखिरकार बुधवार को बिना अनुमति निकाली गई रैली से लोगों को दुश्वारियों का सामना करना पड़ा।
धारा 144 का भी हुआ उल्लंघन
जिले में धारा 144 लागू है। इसको लेकर तमाम नियम-कानून हैं, लेकिन ट्रैक्टर रैली ने धारा 144 की खुलेआम धज्जियां उड़ाईं। इसे लागू करने वाले अफसर भी जानकर भी नियम-कानून की अवहेलना करवाते रहे। जानकारों का कहना है कि जब धारा 144 लागू है तो फिर कैसे बिना अनुमति रैली निकाली गई।
किसी को जाना था अस्पताल तो किसी को दफ्तर
ट्रैक्टर रैली की वजह से लगे जाम में फंसे लोग ऐसा करने वालों के साथ ही जिम्मेदारों को कोसते रहे। जाम में फंसी पूजा, राखी, अनिल, सर्वेश, उमाकांत आदि लोग कोई बाइक से था तो कोई रिक्शे पर। सभी यही कह रहे थे कि ऐसी रैली से क्या फायदा कि लोगों को परेशानी हो। इसमें से किसी को अस्पताल जाना था तो किसी को दफ्तर। सबके सब परेशान रहे।
सिटी मजिस्ट्रेट नहीं उठाती फोन
सिटी मजिस्ट्रेट पूजा मिश्रा हैं। ट्रैक्टर रैली की अनुमति है या नहीं, इसको लेकर उनसे बात करने के लिए कई बार प्रयास किए गए। कॉल की गई, लेकिन उन्होंने रिसीव करना मुनासिब नहीं समझा। हालांकि, उनसे जुड़े जानकारों की माने तो रैली की अनुमति नहीं थी।
रैली निकालने की अनुमति उनकी ओर से नहीं दी गई थी। सिटी मजिस्ट्रेट ने दी होगी। उन्हीं से जानकारी करिए। शहर कोतवाल टीपी सिंह ने बताया कि 6 दिसंबर को पत्र आया था, लेकिन भीड़ भाड़ होने की वजह से अनुमति देने से मना किया गया था।
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- पीयूष सिंह, सीओ सिटी
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