तंबौर के बरक्षता गांव में पानी घटने के बाद भरा कीचड़। (संवाद)
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तंबौर/ रेउसा (सीतापुर)। तराई इलाके में बह रही शारदा व सरयू नदी का जलस्तर कम हो रहा है। इसकी वजह से गांवों व रास्तों से पानी हट रहा है। लेकिन निचले इलाके के गांवों में पानी भरा हुआ है। जब पानी कम हुआ है तो अब संक्रामक रोग फैलने का खतरा उत्पन्न हो गया है।
बिसवां तहसील के बाढ़ प्रभावित म्योढ़ी छोलहा व गोलोक कोडर ग्राम पंचायत में जलस्तर कम होने से लोगों ने राहत की सांस ली है। म्योढ़ी छोलहा गांव के पूर्व प्रधान जगदीश यादव ने बताया जलस्तर घटने से मेवड़ी छोलहा में करीब 50 बीघा जमीन राजरानी, रंगगिलाल, सर्वेश आदि की कट गई है। म्योढ़ी छोलहा से श्रीरामपुरवा जाने वाली रोड से 10 मीटर दूर नदी बह रही है। जिससे रोड कटने के खतरा मंडरा रहा है।
संतरामपुरवा, आशाराम पुरवा, नया निर्मल पुरवा, संबारी पुरवा, रामलालपुरवा, दर्जिन रेती, परमेश्वरपुरवा में पानी कम होने से संक्रामक रोग फैलने का खतरा उत्पन्न हो गया है। इन गांवों में कई लोग बुखार से परेशान है। रेउसा सीएचसी प्रभारी डॉ. अनूप पांडे ने बताया पानी कम हुआ है, अब गांवों में टीमें भेजी जाएगी।
तंबौर इलाके में शारदा नदी का जलस्तर कम होने पर उप जिलाधिकारी लहरपुर पीएल मौर्य ने नदी के बीच बसी ग्राम पंचायत सेतुही के मजरा मीतमऊ व नकहा का दौरा किया। पैदल जाकर बाढ़ पीड़ितों का हाल जाना, बाढ़ राहत के तहत दी गई सामग्री की जानकारी ली। गांव किनारे से बह रही शारदा नदी व बांध परियोजना को देखा। ग्रामीणों ने संपर्क मार्ग पर बाढ़ में कटी पुलिया को दुरुस्त करवाने की मांग की। जिसे एसडीएम ने ठीक करवाने का आश्वासन दिया।