सीतापुर। ग्राम पंचायतों में स्थित जर्जर पंचायत भवनों सहित अन्य सार्वजनिक भवनों के गिरने की संभावना बनी रहती है। जिससे जन-धन की हानि हो सकती है। इसके समाधान के लिए ऐसे भवनों के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जानी है। इस संबंध में डीएम ने सभी बीडीओ और एडीओ पंचायत को कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत वह एक सप्ताह में सभी ग्राम सभाओं का सर्वे कराकर जीर्णशीर्ण, जर्जर जोखिमपूर्ण भवनों की समस्त जानकारी सहित सूची भेजेंगे।
सभी बीडीओ एवं सहायक विकास अधिकारी पंचायत को पंचायत भवनों सहित अन्य सार्वजनिक भवनों के ध्वस्तीकरण से संबंधित कार्रवाई करने के निर्देश डीएम विशाल भारद्वाज ने जारी किए हैं। सर्वे के दौरान भवन के जीर्णशीर्ण होने, नींव कमजोर होने एवं बैठने, छत के कमजोर होने, संरचना में किसी प्वाइंट के क्षतिग्रस्त होने, अन्य कारण से भवन असुरक्षित होने की स्थिति में या अनुपयोगी पाए जाने का उल्लेख करना है।
ध्वस्तीकरण योग्य भवनों का चिन्हंकन कराकर डीपीआरओ द्वारा उनकी सूची समस्त विवरण सहित जैसे- भवन के निर्माण का वर्ष, भवन की लागत व संबंधित एडीओ पंचायत, प्रधान, सचिव का नाम, मोबाइल नंबर आदि तकनीकी समिति को उपलब्ध कराई जाएगी। भवनों के ध्वस्तीकरण पर विचार कर इसकी संस्तुति करने के लिए डीएम द्वारा तकनीकी समिति का गठन किया जाएगा। समिति एक्सईएन लोक निर्माण विभाग की अध्यक्षता में बनेगी। इसमें सहायक अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण विभाग एवं एई लघु सिंचाई सदस्य होंगे
समय से पहले भवन खराब होने पर दोषियों के विरुद्ध होगी कार्रवाई
ऐसे भवन जिनकी आयु 15 साल से अधिक नहीं है और जिनमें निर्माण कार्य की गुणवत्ता संतोषजनक न होने के कारण या बिना किसी प्राकृतिक आपदा के ध्वस्तीरकरण का निर्णय लिया जाता है तो उस दशा में डीपीआरओ द्वारा दोषी प्रधान, सचिव, संबधित एडीओ पंचायत एवं जेई जिसने भवन की माप पुस्तिका बनाई है, उसका उत्तरदायित्व निर्धारित करते हुए उनके विरुद्ध प्रभावी कठोर कार्रवाई की जाएगी।
दिए गए है निर्देश
जर्जर जोखिमपूर्ण पंचायत एवं सार्वजनिक भवनों के ध्वस्तीकरण के संबंध में निदेशक पंचायती राज के निर्देश प्राप्त हुए हैं। इसके अनुरूप कार्रवाई कराने के लिए डीएम स्तर से सभी बीडीओ एवं एडीओ पंचायत को निर्देश दिए गए हैं। समयबद्ध कार्रवाई कराई जाएगी।
- मनोज कुमार, जिला पंचायत राज अधिकारी