सीतापुर के रेउसा क्षेत्र में फिर उफनाई सरयू।
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रेउसा/रामपुर मथुरा (सीतापुर)। पहाड़ों पर लगातार बारिश और बैराजों से छोड़े जा रहे पानी से सरयू व शारदा नदी उफना गई है। नदियों में पानी बढ़ने से गांजर के 16 गांवों की चार हजार आबादी पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। बुधवार देर शाम रेउसा के बाढ़ग्रस्त गांवों के 200 घरों में पानी घुस गया है। साथ ही गांवों को जाने वाले रास्ते जलमग्न हो गए हैं। रामपुर मथुरा इलाके में बांध की एक ठोकर पानी में डूब गई है, जबकि प्रथम मुख्य ठोकर को उफनाती नदी तेजी से काट रही है। वहीं, बुधवार को बैराजों से करीब साढ़े चार लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। यह पानी जिले में आने पर गांजर के हालात खराब हो सकते हैं।
ब्लॉक रेउसा में सरयू नदी उफना गई है। बुधवार को नदी का पानी तेजी से तलहटी में बसे मेवड़ी छोल्हा, श्रीरामपुरवा, जटपुरवा, भदिम्मरपुरवा, दुर्गापुरवा, धूसेपुरवा, जैतहिया, दर्जिनरेती, नगीनापुरवा, फौजदारपुरवा आदि गांवों के करीब पहुंच गया है। बुधवार देर शाम रेउसा के बाढ़ग्रस्त गांवों के 200 घरों में पानी घुस गया है। साथ ही गांवों को जाने वाले रास्ते जलमग्न हो गए हैं। बाढ़ के चलते गांवों के बाशिंदों में दहशत है। इसके साथ ही तीनों बैराजों से छोड़े गए साढ़े चार लाख क्यूसेक पानी ने गांजरवासियों की नींद उड़ा दी है।
दूसरी तरफ रामपुर मथुरा इलाके में सरयू का जलस्तर 40 सेमी बढ़कर बुधवार को 118.50 मीटर दर्ज किया गया। बाढ़ रोकने के लिए बनाए जा रहे तटबंध की ठोकर नंबर चार पानी में डूब गई है। प्रथम मुख्य ठोकर का बेकाबू लहरें तेजी से कटान कर रही हैं। आधी ठोकर कटान की भेंट चढ़ गई है। अगर यह ठोकर कटी तो तबाही मच सकती है। अंगरौरा गांव में धीरे-धीरे पानी प्रवेश करने लगा है। बाढ़ की आशंका से ग्रामीण अपना सामान समेटकर पलायन करने लगे हैं। वहीं सरकारी मशीनरी मौके पर पर डटी है और एनाउंस कर बता रही है कि डरने, घबराने की जरूरत नहीं है।
तहसीलदार ने दौरा कर ग्रामीणों को किया अलर्ट
बिसवां तहसीलदार राजकुमार गुप्ता ने बुधवार को रेउसा इलाके में सरयू की तलहटी में बसे गांवों का दौरा कर ग्रामीणों को अलर्ट किया। उन्होंने बताया कि अभी बाढ़ जैसे हालात नहीं हैं। बारिश व बैराजो ंसे अधिक मात्रा में पानी छोड़े जाने के चलते एहतियातन अलर्ट जारी किया गया है।