सीतापुर। लखीमपुर में पीड़ित परिवारों से मिलने के बाद कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी, राहुल गांधी, पंजाब व छत्तीसगढ़ के सीएम समेत सभी सातों नेता गुरुवार की भोर करीब चार बजे जिले की सीमा से निकलकर लखनऊ में प्रवेश कर गए थे। पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था के बीच सभी को लखनऊ बार्डर तक छोड़ा। इसके बाद पुलिस और प्रशासनिक अफसरों ने राहत की सांस ली।
बुधवार को शासन की ओर से अनुमति मिलने के बाद प्रियंका गांधी, राहुल गांधी, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पंजाब के सीएम चरनजीत सिंह चन्नी, सांसद दीपेंद्र हुड्डा, रणजीत सुरजेवाला, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय सिंह लल्लू के साथ कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सीतापुर की द्वितीय वाहिनी पीएसी से शाम को लखीमपुर जाने के लिए निकलीं थी। रात में लखीमपुर पहुंचने के बाद घटना में मारे गए लोगों के परिजनों से मुलाकात की। उन्हें ढांढस बंधाया। आधी रात के बाद तक सभी लोग लखीमपुर में ही रहे।
वापस लखनऊ जाने की सुगबुगाहट पहले से ही थी। इसको लेकर जिले का पुलिस प्रशासनिक अमला अलर्ट मोड पर था। देर रात लखीमपुर प्रशासन की ओर से राहुल-प्रियंका के लखनऊ जाने की जानकारी दी गई। सूचना मिलते ही डीएम व एसपी ने पहले से ही अलर्ट लहरपुर से अटरिया थाने की पुलिस को और चौकन्ना कर दिया।
देर रात राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत सभी सातों लोग जिले की सीमा में पहुंचे। इसके बाद पुलिस ने उन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच जिले की सीमा से पार कराकर लखनऊ में प्रवेश करा दिया। सीओ सिधौली यादुवेंद्र यादव ने बताया कि प्रियंका गांधी, राहुल गांधी, पंजाब और छत्तीसगढ़ के सीएम समेत सभी नेताओं को सुबह चार बजे जिले की सीमा से लखनऊ में प्रवेश करा दिया गया। इसके बाद जिले की सरकारी मशीनरी ने राहत की सांस ली है।