सीतापुर। जिले में एंबुलेंस की स्थिति खराब होती जा रही है। एंबुलेंस में ऑक्सीजन की कमी के चलते एक मरीज की घंटों सांसे अटकी रही। परिजन बराबर लखनऊ जल्द भेजने की बात कहते रहे। करीब डेढ़ घंटे बाद उसे एंबुलेंस मिल सकी। तब तक मरीज की हालत गंभीर हो गई। उसे किसी तरह लखनऊ भेजा गया। चिल्ड्रेन वार्ड में एनीमिया के चलते दो बच्चों की मौत हो गई।
झरेखापुर इलाके के गरसारी निवासी शुभम (9) को कई दिनों से बुखार आ रहा था। बुखार आने पर उसकी हालत गंभीर हो गई। जिला अस्पताल में भर्ती के बाद चिकित्सकों ने उसे लखनऊ रेफर कर दिया। इस पर स्टाफ नर्स ने अस्पताल की एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस को फोन करके व्यवस्था करवाई। जब परिजन बच्चे को लेकर एंबुलेंस के पास पहुंचे तो उसमें ऑक्सीजन बहुत कम थी। बच्चे को ऑक्सीजन की जरूरत पड़ रही थी।
ऐसे में परिजन ऑक्सीजन वाली एंबुलेंस का इंतजार करते रहे। करीब डेढ़ घंटे बाद दूसरी एंबुलेंस में किसी तरह ऑक्सीजन का इंतजाम हो सका। उसके बाद बच्चे को लखनऊ ले जाया गया। जब तक एंबुलेंस नहीं मिली तब तक परिजनों की सांसे अटकी रही।
खैराबाद इलाके के मोलाहिमपुर निवासी मनीष (5) को कई दिनों से बुखार आ रहा था। गंभीर हालात में उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां पर उसकी मौत हो गई। इमलिया सुल्तानपुर इलाके की सलोनी (7) की बुखार के चलते सांसे थम गई।
एंबुलेंस की नहीं कोई कमी
जिले में 108 नंबर की 93 एंबुलेंस चल रही हैं। इनमें ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं है। जरूरत पड़ने पर सीतापुर, बिसवां व लखनऊ से ऑक्सीजन ली जाती है। एएलएस एंबुलेंस के बारे में जानकारी नहीं है।
- अभिनव यादव, जिला एंबुलेंस प्रभारी
नहीं है जानकारी
जिला अस्पताल में चल रही एएलएस एंबुलेंस में ऑक्सीजन रहती है। अगर किसी एंबुलेंस में ऑक्सीजन नहीं है तो इसकी जानकारी नहीं है। न ही किसी ने इसके बारे में शिकायत की है।
- डॉ. अनिल अग्रवाल, सीएमएस जिला अस्पताल