लाइन की मरम्मत कार्य के कारण पुराने सीतापुर में सोमवार को आठ घंटे बिजली गुल रही। इमरजेंसी कटौती से यहां के 24 से अधिक मोहल्लों में बिजली व पेयजल संकट गहरा गया। ऐसे में तकरीबन 85 हजार आबादी प्रभावित रही।
विद्युत लाइन जर्जर होने के कारण पुराने सीतापुर में आए दिन तारों के टूटने की घटनाएं होती थीं। इस वजह से घंटों विद्युतापूर्ति गुल रहती थी। इसे देखते हुए पावर कॉर्पोरेशन ने पुराने सीतापुर शहर की जर्जर लाइनों की मरम्मत कराने का फैसला लिया।
बाद में कॉर्पोरेशन ने सोमवार को दोपहर एक बजे से रात आठ बजे तक विद्युत कटौती करने का एलान किया था। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत सोमवार को 12 बजे तक विद्युत आपूर्ति बहाल रही।
ठीक एक बजते ही पावर कॉर्पोरेशन ने पुराने सीतापुर शहर की विद्युत आपूर्ति ठप कर दी। इमरजेंसी विद्युत कटौती होने के बाद पावर कॉर्पोरेशन ने जर्जर लाइनों को बदलने का काम शुरू किया। ये कार्य रात आठ बजे तक चलता रहा।
विद्युत कटौती होने से शहर के मोहल्ला कोट, कजियारा, शेखसरांय, इस्लामबाग, पक्काबाग, पटिया, मिरदही टोला, चौधरी टोला, श्यामनाथ, गोड़ियन टोला, चौबे टोला, मुन्नी चौराहा, फत्तनसरांय, मोहल्ला बंगला, तरीनपुर ऊंचा टीला आदि मोहल्लों की बिजली गुल रही।
इससे इन मोहल्लों में न सिर्फ लोग बिजली समस्या से जूझे, बल्कि उन्हें पेयजल की दिक्कतों का भी सामना करना पड़ा। हालांकि ठंड के मौसम में लोगों को कुछ हद तक दिक्कतें कम ही रहीं। उधर, देर शाम आठ बजे के बाद आपूर्त बहाल हो सकी।