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नहीं मिली एंबुलेंस, खुले में प्रसव

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रेउसा में सड़क पर अपने बच्चे के साथ लेटी पीड़िता। (संवाद) - फोटो : SITAPUR
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रेउसा (सीतापुर)। मांगों को लेकर हड़ताल पर चल रहे एंबुलेंस चालकों की वजह से मरीजों को परेशानियों का लगातार सामना करना पड़ रहा है। स्वास्थ्य महकमा भले ही दूसरे ड्राइवरों के हवाले एंबुलेंस को करने के बाद इस सेवा को पटरी पर लाने के लाख दावे भले ही क्यों न कर रहा हो, लेकिन हकीकत किसी से छिपी नहीं हैं। व्यवस्थाएं दिन पर दिन बेपटरी होती जा रहीं हैं। रविवार को रेउसा इलाके में एक प्रसव पीड़िता को समय से एंबुलेंस न मिलने से खुले में प्रसव हो गया।
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रविवार को घंटों इंतजार के बाद जब गर्भवती को एंबुलेंस नहीं मिली तो वह ऑटो से अस्पताल जा रही थी। गर्भवती को रास्ते में तेज दर्द उठा। इस पर ऑटो रोक कर उसे जमीन पर लिटाया गया। कुछ ही देर मेें खुले आसमान के नीचे प्रसव हो गया। जज्जा-बच्चा स्वस्थ्य है। एंबुलेंस न मिलने की वजह से खुले में प्रसव होना शर्मनाक पहलू है।
बिहार प्रदेश के जिला छपरा की रामदेवी अपने परिवार साथ कुशमौहरा गांव में डेरा डालकर रह रही है। रविवार को रामदेवी को प्रसव पीड़ा शुरू हुई। पहले एंबुलेंस को फोन लगाया। कंट्रोल रूम से जल्द एंबुलेंस आने की बात कही गई। इस पर रामदेवी दर्द से कराहती रही। एक घंटे से अधिक समय बीत गया। रामदेवी की तबियत बिगड़ने लगी।
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इस पर परिजन ऑटो से ही सीएचसी रेउसा लिए जा रहे थे। तभी रेउसा के रामानुज नगर लकड़ी मंडी पहुंचे तो रामदेवी की तबियत अधिक खराब हो गई। ऑटो चालक ने रोड किनारे खुले आसमान नीचे उतार दिया। वहां पर प्रसव हो गया। रामदेवी ने एक बच्ची को जन्म दिया है।
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सीएचसी में एंबुलेंस की कोई दिक्कत नहीं है। अगर कंट्रोल रूम या अन्य कहीं से एंबुलेंस मिलने की दिक्कत रही है तो इसकी जानकारी नहीं है। दिखवाया जाएगा।
- डॉ. अनूप पांडेय, सीएचसी अधीक्षक, रेउसा
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