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धान बेचने के लिए ट्रॉली पर गुजर रही रात

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सीतापुर में नवीन गल्लामंडी में मंडी परिषद धानक्रय केंद्र खड़ी ट्रॉलियां। - संवाद - फोटो : SITAPUR
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सीतापुर। किसानों को उपज बेचने के लिए दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वह धान क्रय केंद्रों के बाहर ट्रॉलियों पर रात गुजार रहे हैं। बिना टोकन के तौल होने से किसान परेशान हैं। उन्हें आज-कल के फेर में इंतजार करना पड़ रहा है। टोकन से समय की बर्बादी नहीं होती थी। अब तौल कराना कठिन हो रहा है।
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मंगलवार को नवीन गल्ला मंडी स्थित धान क्रय केंद्रों पर दोपहर डेढ़ से तीन बजे तक हो रही तौल का जायजा अमर उजाला टीम ने लिया। इस दरम्यान अन्नदाताओं की समस्या सामने आई। वह परेशान दिखे। कहने लगे, अब धान बेचना बहुत कठिन है। केंद्र प्रभारियों से कुछ कहा भी नहीं जा सकता, नहीं तो कोई न कोई खामी निकालकर वापस कर देंगे। ये जो कहें, वही मानना है।
रातों ने और समस्या बढ़ा दी है। क्रय केंद्र पर धान लाने पर उसी दिन तौल कराना बहुत कठिन है। इससे मजबूरी में खुले आसमान के नीचे रात गुजारनी पड़ रही है। ब्लॉक हरगांव के ग्राम अख्तियारपुर निवासी रोशन सिंह सोमवार से धान तौलवाने का इंतजार करते दिखे। वह बोले कि सोमवार सुबह आ गया था। करीब 80 क्विंटल धान लाए हैं। मंगलवार को ढाई बज गया है, अब तौलने का नंबर आया है। भगौतीपुर निवासी अन्नू भी लाइन में लगे थे।
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बोले टोकन मिला था, लेकिन त्योहार के कारण नहीं आ सके। अब नंबर लगना कठिन है। किसानों ने बताया कि मंडी समिति के केंद्र पर तौल सुस्त गति से हो रही है। सभी ने टोकन व्यवस्था का सही बताया। बिना टोकन के गड़बड़ी हो रही है। दलाल सक्रिय हैं। एफसीआई के केंद्र पर किसान तौल कराने का शाम तीन बजे इंतजार कर रहे थे। सेलूमऊ के बलबीर सिंह ने बताया सोमवार से इंतजार के बाद अब तौल का नंबर आया है।
धान साफ करने का पंखा खराब
मंडी समिति के क्रय केंद्र पर धान साफ करने वाला पंखा खराब है। यह एक किनारे रखा था। दूसरे पंखे से काम लिया जा रहा था। यह सही ढंग से काम नहीं कर रहा था। पंखा कब खराब हुआ, कब सही होगा यह बताने वाला मौके पर कोई नहीं था।
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