सीतापुर। शासन ने मॉडल भवन निर्माण एवं विकास उपविधि 2025 और मॉडल जोनिंग रेगुलेशन्स जारी किया है। इसके तहत 1000 वर्ग मीटर में आसान बनाने के लिए नक्शा स्वीकृत नहीं कराना है। साथ ही व्यावसायिक नक्शों के स्वीकृत के लिए भी छूट दी गई है। इसे लेकर लोगों में भ्रांतियां हैं। उनका मानना है कि यह विनिमित क्षेत्र में भी लागू किया गया है लेकिन ऐसा नहीं है। यह नियम विकास प्राधिकरण में ही लागू होगा। विनियमित क्षेत्र में आरबीओ एक्ट 1958 के अनुसार नक्शा स्वीकृत किए जाते हैं।
विकास प्राधिकरणों और विनियमित क्षेत्र में नक्शा स्वीकृत करने के लिए अलग- अलग एक्ट बनाए गए हैं। विनियमित क्षेत्र में यूपी आरबीओ एक्ट 1958 के अनुसार मानचित्र स्वीकृत किए जाते हैं, जबकि यूपी आरबीओ एक्ट 1973 के अनुसार विकास प्राधिकरण से मानचित्र स्वीकृत किए जाते है। विकास प्राधिकरणों में आवासीय और व्यवसायिक कार्य के लिए मानचित्र स्वीकृत करने में क्षेत्रफल में शिथिलता देने संग अन्य परिवर्तन किए गए हैं। इसके लिए मॉडल भवन निर्माण और विकास उपविधि और मॉडल जोनिंग रेग्यूलेशंस फॉर डेवलॅपमेंट अथॉरिटी ऑफ यूपी 2025 जारी किया गया है। इसके अनुसार एक हजार वर्ग मीटर में आवास बनाने और 30 वर्ग मीटर में दुकान बनाने के लिए मानचित्र स्वीकृत नहीं कराना है। इसे लेकर लोगों का यह मानना है विनियमित क्षेत्र में भी यह लागू है, लेकिन ऐसा नहीं है। इस संबंध में विनियमित क्षेत्र के जेई एमके मिश्रा बताते हैं कि विनियमित क्षेत्र में यूपी आरबीओ एक्ट 1958 के अनुसार मानचित्र स्वीकृत किए जाते हैं। इसमें बदलाव नहीं किया गया है।