सीतापुर। सियासी रुख को बारीकी से परखने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीसरी बार नैमिषारण्य की धरती पर आ रहे हैं। उनके आगमन से जिले की सियासी तस्वीर में क्या बदलाव की बयार बहेगी... इसकी सियासी गलियारों में चर्चा शुरू हो गई है। प्रधानमंत्री नई तारीख में आ रहे हैं, ऐसे में पुराने मैदान से नई तारीख में चुनावी जनसभा कर क्या पीएम नया इतिहास बनाएंगे? ऐसे में जनता का क्या रुख रहता है, यह 10 मार्च को मतगणना के बाद सामने आ सकेगा।
जिले में 23 फरवरी को लोकतंत्र का महापर्व है। मतदाताओं को उस घड़ी का इंतजार है, जब अपने अमूल्य मतों से पसंदीदा प्रत्याशी का राजतिलक कर विधानसभा पहुंचाने में महती भूमिका निभाएंगे। इससे पहले सियासी सूरमा जिले के चुनावी रण को मथने के लिए आएंगे। 16 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महर्षि दधीचि की तपोस्थली और सीता की नगरी नाम से मशहूर सीतापुर में आ रहे हैं।
उनके आगमन से पहले ही सियासी माहौल बनना और तेज हो गया है। चुनावी हवा का रुख परखने वाले सियासी पंडितों की माने तो पीएम की जनसभा के बाद जिले के चुनावी माहौल में बदलाव की बयार आ सकती है, इसकी चर्चाएं सियासी गलियारों में शुरू हो गई। इससे पहले प्रधानमंत्री 27 अप्रैल 2014 को लोकसभा चुनाव में सिधौली आए थे। इसके बाद 27 अप्रैल 2019 लोकसभा चुनाव में जनसभा करने शहर के ग्रास फार्म पर आए थे। पीएम इससे पहले दो बार जिले में आए।
उनके आगमन की सबसे खास बात यह रही कि नैमिषारण्य की धरती में उनके आगमन की तारीख 27 अप्रैल ही रही। हालांकि, साल जरूर बदला, लेकिन महीना और तारीख पुरानी रही। पहली बार वह सिधौली के गांधी मैदान पर आए थे। दूसरी बार 2019 में ग्रास फार्म पर आए थे। इस बार भी ग्रास फार्म पर आ रहे हैं। इस बार तारीख, महीना और साल सब कुछ बदला है, लेकिन जिस मैदान से उन्होंने 2019 में हुंकार भरी थी, वह पुराना ही है।
अब पुराने मैदान से नई तारीख में प्रधानमंत्री की जनसभा जिले में नया इतिहास दोहराएगी या नहीं, इस पर सभी की नजरें लगी हुई हैं। इंतजार 10 मार्च को आने वाले नतीजों का होगा। इसके बाद सियासी तस्वीर साफ हो जाएगी। 2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी सीतापुर आए थे। 2017 के विधानसभा चुनाव में नहीं आए थे। ऐसा पहली बार है जब विधानसभा के चुनाव में प्रधानमंत्री आ रहे हैं।
पीएम के आने से निकाले जा रहे सियासी मायने
2014 में सिधौली में प्रधानमंत्री की जनसभा के बाद जिले की चारों लोकसभा सीटों पर इसका असर पड़ा था। सीतापुर से राजेश वर्मा सांसद बने थे। सिधौली विधानसभा को जोड़कर बनी मोहनलालगंज सीट से कौशल किशोर, मिश्रिख लोकसभा क्षेत्र से अंजू बाला, धौरहरा लोकसभा क्षेत्र से रेखा वर्मा सांसद बनीं थीं। इसके बाद 2019 में ग्रास फार्म से भरी हुंकार से जिले में आने वाली सभी लोकसभा सीटों पर भाजपा के प्रत्याशी सांसद बने थे। ऐसे में इस बार विधानसभा के चुनाव में पीएम के आने के भी सियासी मायने निकाले जा रहे हैं।
आसपास के जिलों में भी जाएगा संदेश
प्रधानमंत्री का कार्यक्रम शहर के ग्रास फार्म पर है। यह मैदान नगर विधानसभा क्षेत्र में आता है, लेकिन यहीं से प्रधानमंत्री जिले की सभी नौ सीटों पर निशाना साधेंगे। इसका असर आने वाले दिनों में पड़ने की उम्मीद है। आसपास के जिलों में भी संदेश जा सकता है।