महोली में कठिना नदी की तलहटी में काम्बिंग करती वन विभाग की टीम। - संवाद
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महोली/सीतापुर। महोली इलाके में दो सप्ताह पहले तेंदुए के पगचिह्न मिलने के बाद वन विभाग की टीम ने पिंजड़ा लगा दिया था। पांच दिन से मूड़ा गांव में पिंजड़ा लगा हुआ है। लेकिन तेंदुआ इस पिंजड़े के पास भी नहीं फटका है। वन विभाग की टीम ने मंगलवार को कई और गांवों में कांबिग की। तेंदुए के भय से 10 से अधिक गांवों में दहशत है।
दो सप्ताह पहले तेंदुए के पग चिह्न मूड़ा गांव में मिलने से लोग दहशत में हैं। वन विभाग ने गुरुवार को तेंदुआ पकड़ने के लिए एक भारी भरकम पिंजड़ा मूड़ा गांव के उत्तर तालाब के निकट झाड़ियों में लगाया था। वन विभाग की टीम लगातार क्षेत्र में कांबिंग करते हुए आमजन को सुरक्षित रहने के लिए सतर्क कर रही है। लेकिन अभी तक इस पिंजड़े के निकट तेंदुआ नहीं पहुंचा है।
मंगलवार सुबह वन विभाग के माली को दूरभाष के जरिये रघुवर दयालपुर निवासी काशी यादव ने पगचिह्न देखे जाने की सूचना दी। जिस पर वन क्षेत्राधिकारी समर सिंह, वन दरोगा विजय श्रीवास्तव, राहुल यादव, वनरक्षक नंदलाल, माली राजेश मिश्रा व लालबहादुर ने क्षेत्र के भगवानपुर, रूस्तम नगर, रघुवर दयालपुर, सीतारामपुर समेत कठिना नदी की तलहटी तक के कई गांवों के इर्द गिर्द कांबिंग की।
वहां पर तेंदुए के कोई नए पगचिह्न नहीं मिले हैं। वन क्षेत्राधिकारी समर सिंह ने बताया कि क्षेत्र में वन विभाग की टीम लगातार कांबिंग कर रही है। कहीं पर भी कोई नए पग चिह्न नहीं दिखे हैं। फिर भी लोगों को सतर्क रहने के लिए जागरूक किया जा रहा है।