सीतापुर/रामकोट। जवाहरपुर चीनी मिल के जिम्मेदार व्यवस्थाओं को पटरी पर नहीं ला पा रहे हैं। नया प्लांट लगने से उसके सुचारु रूप से चलने में आ रही समस्याएं किसानों के लिए बड़ी परेशानी का सबब बनती जा रही हैं। गन्ना तौल की रफ्तार बेहद सुस्त होने की वजह से मिल के आसपास ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की कतारें लंबी होती जा रही हैं। ऐसे में किसानों की परेशानी बढ़ती जा रही है। सोमवार को चीनी मिल की ओर से किसानों को फिर नई तारीख दी गई है। अब किसानों को 16 की जगह 17 नवंबर की शाम गन्ना लाने का मैैसेज उनके मोबाइल पर भेजा गया है।
जवाहरपुर चीनी मिल की दो समितियां है। सीतापुर और महोली। वहां से ही गन्ना किसानों को पर्चियां जारी की जाती हैं। 11 नवंबर से इस बार जवाहरपुर मिल में पेराई सत्र की शुरुआत हुई है। इस बार मिल ने किसानों को राहत देने के लिए प्लांट की क्षमता बढ़ाकर 75 हजार से एक लाख क्विंटल गन्ना 24 घंटे में पेराई का किया है। लेकिन चीनी मिल की ओर से किसानों को राहत देने के लिए शुरू की गई सुविधा किसानों के लिए परेशानी का सबब बन गई है।
प्लांट सुचारु रूप से काम नहीं कर पा रहा है। इससे यार्ड में स्टॉक फुल होने से तौल की रफ्तार धीमी कर दी गई है। चीनी मिल के दोनों ओर यानी पथरी गांव और दूसरी ओर अरथाना जाने वाले मार्ग तक ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की कतारें लगने लगी हैं। रविवार की अपेक्षा सोमवार को ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की कतारें और बड़ी हो गई हैं। काफी दूर तक जाम लग गया। मिल चालू होने के बाद सीतापुर, महोली सोसायटी से जिन किसानों को 14 नवंबर को गन्ना तौल की पर्ची जारी की गई थी। 14 नवंबर की सुबह उन किसानों के मोबाइल पर मिल की ओर से 16 नवंबर को गन्ना लाने का फरमान दिया गया था।
इसकी वजह, मिल में ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की संख्या अधिक और गन्ने का स्टॉक ज्यादा होना बताया गया था। इस मैैसेज को पढ़ने के बाद परेशान किसान अब किसी तरह से 16 नवंबर को मिल में गन्ना पहुंचाने की व्यवस्था कर रहे थे। वह 16 नवंबर को मिल में गन्ना पहुंचाते, इससे पहले 15 नवंबर को ही उन्हें फिर चीनी मिल की ओर से झटका दिया गया।
चीनी मिल ने सोमवार दोपहर 2:38 बजे मैसेज भेजकर गन्ना लाने की तारीख फिर बढ़ाने की जानकारी दी। मैसेज में बताया गया कि जाम से बचने के लिए 16 नवंबर की तौल के लिए जारी पर्ची पर किसान अपना गन्ना 17 नवंबर की शाम से लाना प्रारंभ करें। इस मैसेज को पढ़ने के बाद अब फिर किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें आ गई हैं। वह बेहद परेशान हैं। 17 से गन्ना मिल ले जाने की तैयारी किसान करने में लग गए हैं। ऐसे में मिल की तारीख किसानों का दर्द बढ़ाने का काम कर रही है।
... कहीं फिर न बढ़ा दें तारीख
दिन पर दिन मिल रही नई तारीख से कई किसान परेशान हैं। किसान सर्वेश, रामकिशुन, आमोद आदि का कहना है कि कहीं मिल फिर से तारीख न बढ़ा दे, इससे उन्हें फिर से परेशानी झेलनी पड़ेगी। इसको लेकर किसान चिंतित हैं।
चीनी मिल में नया प्लांट लगा है। यह किसानों की सुविधा के लिए ही लगाया गया है, लेकिन नया होने की वजह से पूरी गति से काम नहीं कर पा रहा है। यांत्रिक कमियों की वजह से कुछ दिक्कतें आ रही हैं। उम्मीद है कि एक-दो दिन में समस्या को दूर कर किसानों को बेेहतर सुविधा दी जाएगी। चीनी मिल ने किसानों को कोई नई तारीख नहीं दी है। मैैसेज की जानकारी नहीं है।
- सुधीर सिंह, मीडिया प्रभारी जवाहरपुर चीनी मिल